
सहारनपुर में उधार दी गई रकम लौटाने को लेकर तगादा करने पर हत्या के मामले में जिला अदालत ने दो भाइयों समेत चार लोगों को उम्र कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ-साथ अदालत ने चारों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। बताया जा रहा है कि शुरुआत में हत्यारोपियों ने ही मामले में केस दर्ज कराया था। उन्होंने हत्या को दुर्घटना का रूप देते हुए पुलिस को उलझाने का प्रयास किया था। लेकिन, थाने पहुंचकर मृतक सत्य प्रकाश की पत्नी ने हत्यारोपियों की पोल खोल दी थी, जिसके बाद बाद सबूत और गवाहों के आधार पर अदालत ने अपना फैसला सुनाया है।
दरअसल, ये मामला सहारनपुर के बड़गांव थाना क्षेत्र के गांव जड़ौदा पांडा का है। जहां 28 फरवरी 2010 को गांव में अपने भाई के साथ बैठे सत्य प्रकाश की गोली लगने से मौत हो गई थी। इस मामले में धन प्रकाश पर अपने भाई सत्य प्रकाश की हत्या कर दिए जाने के आरोप लगे थे। सत्य प्रकाश की पत्नी ने थाने में पहुंचकर पुलिस को बताया था कि उसके पति की धन प्रकाश, वेद प्रकाश और राजू और मुनि ने हत्या कर दी है। इस मामले में पुलिस ने दो सगे भाइयों समेत चार लोगों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की थी। यह मामला एडीजे कक्ष संख्या-1 वीके लाल की अदालत में चल रहा था। शनिवार को गवाहों की गवाही और सबूतों के आधार पर अदालत ने चारों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
पुलिस को गुमराह करने का प्रयास
सत्यप्रकाश की मौत गोली लगने से हुई थी, जिसके बाद सत्य प्रकाश के भाई धन प्रकाश ने पुलिस थाने पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराई थी कि सड़क दुर्घटना में भाई की मौत हो गई है। इस तरह हत्यारोपी ने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया था।
पत्नी ने थाने पहुंचकर बताई सच्चाई
वहीं, बाद में थाने पहुंची सत्य प्रकाश की पत्नी संध्या त्यागी ने पुलिस को बताया कि उसके पति की मौत किसी दुर्घटना में नहीं, बल्कि उनके पति की गोली मारकर हत्या की गई। इसी आधार पर पुलिस ने आगे जांच पड़ताल करते हुए चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की थी।
Updated on:
10 Sep 2022, 4:38 PM IST
Published on:
10 Sep 2022, 4:17 PM IST
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