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महाराणा प्रताप जयंती काे लेकर उलझन खत्म, मिली अनुमति

गरम माहाैल के बीच आखिर प्रशासन ने महाराणा प्रताप जयंती मनाने की अनुमति दे दी है। यह अलग बात है कि अनुमति सशर्त दी गई है।
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सहारनपुर

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shivmani tyagi

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Updated: 8 May 2018, 7:34 PM IST

saharanpur news

saharanpur railway station

क्षत्रिय समाज आैर करणी सेना की चेतावनी के बाद आखिरकार मंगलवार काे प्रशासन ने महाराणा प्रताप जयंती की अनुमति दे ही दी। एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने अनुमति दी जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सशर्त अनुमति दी गई है और महाराणा प्रताप जयंती के दौरान सभी को कानून के दायरे में रहकर जयंती मनाने के लिए कहा गया है। इस दौरान अगर कोई कानून का पालन नहीं करता है तो पुलिस की आेर से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसपी सिटी ने प्रबल प्रताप सिंह ने यह भी बताया कि कुल 200 व्यक्तियों के लिए अनुमति दी गई है। यानि 200 व्यक्ति इस जयंती समारोह में उपस्थित हो सकेंगे। बता दें कि सहारनपुर से सटे गांव राम नगर के पास स्थित महाराणा प्रताप भवन में महाराणा प्रताप जयंती मनाई जाने की तैयारियां पिछले 2 दिनों से चल रही हैं, लेकिन इसी बीच प्रशासन ने अनुमति देने से इनकार कर दिया था, अनुमति ना मिलने से नाराज क्षत्रिय समाज ने मोर्चा खोल दिया था और साफ कह दिया था कि अगर महाराणा प्रताप जयंती मनाई जाने के लिए अनुमति नहीं मिली तो विरोध किया जाएगा और कैराना उपचुनाव का भी बहिष्कार किया जाएगा ।

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क्षत्रिय समाज की खुली चेतावनी के बाद करणी सेना ने भी आस्तीनें चढ़ा ली थी और कहा था कि हम हर कीमत पर महाराणा प्रताप जयंती मना कर रहेंगे । चेताते हुए कहा था कि अगर प्रशासन अनुमति नहीं देता है तब भी महाराणा प्रताप जयंती मनाई जाएगी। यही कारण था कि महाराणा प्रताप जयंती की परमिशन को लेकर पूरे जिले में माहौल गर्मा रहा था और अब मंगलवार को ठीक एक दिन पहले पुलिस प्रशासन की ओर से जयंती की अनुमति दे दी गई

भीम आर्मी ने भी दी थी चेतावनी
माल्हीपुर रोड स्थित महाराणा प्रताप भवन में महाराणा प्रताप जयंती मनाई जाने को लेकर भीम आर्मी भी सक्रिय है। भीम आर्मी ने भी चेतावनी दी है कि वहां पर महाराणा प्रताप जयंती नहीं मनाने दी जाएगी। आपको बता दें कि पिछले वर्ष महाराणा प्रताप जयंती के बाद ही सहारनपुर में जातीय हिंसा भड़की थी। दोनों संगठनों की ओर से चेतावनी जारी किए जाने के बाद माहौल गरमा गया था। मामले को एक बार फिर से गर्माते हुए देख पुलिस प्रशासन दोनों संगठनों के पदाधिकारियों से वार्ता कर रहा था और सोमवार तक इस मामले में एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह का यही कहना था कि दोनों समाज के संगठनाें तों से बात की जा रही है कोई रास्ता निकाल लिया जाएग। अब मंगलवार को जब काेई रास्ता नहीं निकल पाया ताे प्रशासन की ओर से सशर्त अनुमति जारी कर दी गई।