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बंद हो सकता है चित्रकूट सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट प्रोजेक्ट!

दो साल से जिला प्रशासन नहीं उपलब्ध करा सका बाधामुक्त कार्यस्थलपरियोजना प्रबंधक ने भूमि उपलब्ध नहीं होने पर परियोजना बंद करने दी चेतावनी
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सतना

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Ramashankar Sharma

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Updated: 22 Jan 2020, 1:24 AM IST

सतना. उचेहरा कॉलेज निर्माण के लिए दो साल तक राशि पड़ी रहने के बाद भी जिला प्रशासन जब भूमि अतिक्रमण मुक्त नहीं करा सका तो शासन ने यह राशि अन्य जिले को भेज दी। यह दर्द जिलेवासी अभी भूल नहीं पाए कि जिले की एक और बड़ी परियोजना इसी तरह के मामले में बंद होने की कगार पर पहुंच गई है। दो साल से चित्रकूट में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण की कोशिश निर्माण एजेंसी कर रही है पर उसे अभी तक बाधामुक्त स्थल नहीं मिल सका है। नतीजा, अब परियोजना प्रबंधक मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमि. ने कलेक्टर को पत्र लिख कर बता दिया कि या तो बाधा रहित कार्यस्थल उपलब्ध कराया जाए अन्यथा की स्थिति में परियोजना को यथा स्थिति बंद कर दिया जाएगा। इस जानकारी के सामने आते ही हड़कम्प की स्थिति बन गई है।

2017 में जारी हुआ था कार्यादेश
मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड ने चित्रकूट सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट एवं नेटवर्क निर्माण का कार्यादेश 2017 में जारी किया था लेकिन जब भी यहां ट्रीटमेंट प्लांट बनाने का काम प्रारंभ होता है तो यहां कुछ भूमिस्वामियों और महिलाओं की ओर से निर्माण का विरोध शुरू कर दिया जाता है। लगातार प्रयासों के बाद भी यहां काम प्रारंभ नहीं हो पा रहा है। जनवरी माह की शुरुआत में यहां एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारी की मौजूदगी में काम प्रारंभ करने की कोशिश की गई पर विरोध के कारण काम प्रारंभ नहीं हो सका। मामले की गंभीरता को लेकर अब परियोजना प्रबंधक ने कलेक्टर को बताया कि विगत दो साल से जब भी स्थल में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम प्रारंभ किया जाता है तो राजकुमार के नेतृत्व में कुछ भूमि स्वामी और महिलाएं निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न करने लगती हैं। भूमि उपलब्ध न होने से ठेकेदार वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष कार्य न करने का बहाना बना देता है। इससे कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं हो पा रही है। परियोजना प्रबंधक ने कलेक्टर को बताया कि चित्रकूट में सीवर का काम शासन की उच्च प्राथमिकता में विशेष निधि से किया जा रहा है। इसलिए संबंधित बाधक तत्वों पर विधिक कार्रवाई की जाए। साथ ही अंत में यह भी चेताया है कि भूमि उपलब्ध न होने की स्थिति में परियोजना को यथा स्थिति बंद किया जाना होगा।

दिया जा चुका मुआवजा

मामले बताया गया कि पूर्व में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के लिए आवश्यक जमीन का अधिग्रहण कर संबंधित भूमि स्वामियों को मुआवजा भी दे चुका है। इस स्थल पर इनलेट टैंक व आक्सीडेशन पौंड भी बनाया गया है। अब अधिग्रहीत भूमि नगर पालिका को हस्तांतरित की जा चुकी है। अब परियोजना प्रबंधक ने कार्य प्रारंभ करने के लिये आवश्यक पुलिस बल की मांग की है।


" मामला हमारे संज्ञान में है। कोई भी प्रोजेक्ट बंद नहीं होने दिया जाएगा। नगर पालिका अधिकारी की लापरवाही है। इस मामले में आवश्यक निर्देश दिये जा चुके हैं। जल्द ही कार्य प्रारंभ होगा।"
- सतेन्द्र सिंह, कलेक्टर