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43 चेकों से आरोपियों ने निकाले साढ़े 8 लाख रुपए, यहां पढ़ें मृत शिक्षक के खाते से पेंशन निकलने का मामला

कोषालय से लेकर बैंक अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध
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सतना

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Suresh Mishra

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Updated: 15 Jun 2018, 11:50 AM IST

pension big fraud news in satna

pension big fraud news in satna

सतना। मृत शिक्षक के खाते में आ रही पेंशन राशि का अहरण करने के मामले में रामपुर बाघेलान थाना टीआई राजेन्द्र प्रसाद मिश्रा गुरुवार को बैंक अफसरों से पूछताछ करने पहुंचे। इसी मामले में हिरासत में लिए गए दोनों युवकों से भी पूछताछ जारी है। दूसरी ओर मृतक के बेटे पुलिस के कई बार बुलाने पर भी नहीं आए। एेसे में कई तथ्य पुलिस को नहीं मिल सके। यह बात सामने आई है कि चेक बुक जारी होने के बाद 43 चेक से साढ़े 8 लाख रुपए का आहरण आरोपी कर चुके हैं।

गौरतलब है कि बुधवार को मृत शिक्षक के नाम के चेक में फर्जी हस्ताक्षर कर बैंक से राशि निकाल रहे दो युवकों के पकड़े जाने पर यह बड़ा मामला उजागर हुआ था। टीआई मिश्रा ने बताया कि शिक्षक जानकी प्रसाद दुबे निवासी केमार थाना रामपुर बाघेलान साल 1998 में सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद 17 मार्च 2015 को उनकी मृत्यु होने की बात सामने आई है।

जीवित प्रमाण-पत्र नहीं देखा
सूत्रों के अनुसार, पेंशन धारक का जीवित प्रमाण पत्र सालाना बैंक में जमा कराना होता है। बैंक अधिकारियों की जिम्मेदारी होती है कि वह पेंशनधारी के जीवित होने की पुष्टि कर लें। 2015 में मृत्यु के बाद बैंक अधिकारियों ने इस ओर या तो ध्यान नहीं दिया या फिर जानबूझ कर लापरवाही की गई। हाल ही में 5 मई को जानकी प्रसाद के खाते पर चेक बुक जारी की गई है। इसके बाद 6 मई से 13 जून तक 8 लाख 51 हजार रुपए का आहरण सामने आया है। इस मामले में कोषालय, बैंक अधिकारी की भूमिका संदिग्ध बनी हुई है। पुलिस बैंक के अधिकारी और कर्मचारियों से देर रात तक अलग अलग पूछताछ करती रही।

बुलाने पर नहीं आए बेटे
मृतक के दो बेटे हैं, जिन्हें बुलाया गया था ताकि पता चल सके कि जानकी प्रसाद कब रिटायर हुए, कब से उनकी पेंशन शुरू हुई थी। मृत्यु की सूचना कोषालय और बैंक में दी गई या नहीं? लेकिन कई बार सूचना के बाद भी दोनों बेटे नहीं आए। पुलिस का मानना है कि आपसी विवाद में दोनों भाइयों ने शिक्षक की मृत्यु की सूचना न तो कोषालय को दी और न ही बैंक को। यही वजह है कि पेंशन राशि खाते में आती रही और इसकी भनक होने पर आरोपी उसे आहरित करते रहे।

बैंक खाते का डिटेल
बैंक खाते का डिटेल खंगालते हुए यह जानने की कोशिश की जा रही है कि कब-कब कितनी राशि का आहरण हुआ। मामले में अंकुर पाठक पिता रमेश पाठक (27) व जोनेद्र तिवारी पिता हनुमान प्रसाद तिवारी (27) दोनों निवासी ग्राम बड़हरी थाना रामपुर बाघेलान से पूछताछ जारी है।