
ग्लोबल वार्मिंग से 2100तक भारत समेत इन देशों को होगा बड़ा खतरा : अध्ययन
नई दिल्ली। बढ़ रही ग्लोबल वार्मिंग ( global warming ) से लोगों के जीवन पर खतरा मंडराने लगा है। हाल में किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि अगर विभिन्न संसाधनों से उत्सर्जन इसी तरह बढ़ता रहा, तो आने वाले समय में अन्य देशों के मुकाबले वर्ष 2100 तक इंडिया ( india ), पाकिस्तान (pakistan ) और बांग्लादेश (bangladesh ) के बड़े भाग में तापमान (temprature ) से जीवन संकट में आ जाएगा। शोधकर्ताओं का मानना है कि जिस तरह से संसाधनों से धड़ल्ले से उत्सर्जन हो रहा है, उस तरह से 30 फ़ीसदी तक आबादी खतरनाक उमस भरी गर्म हवाओं के घेरे में आ सकती है।
बता दें कि दुनिया के तापमान मापने वाले अधिकारी मौसम को दो तरह के थर्मामीटर से मापते हैं। पहला ड्राइ बल्ब थर्मामीटर (thermometer ) है और दूसरा वेट बल्ब थर्मामीटर। ड्राइ बल्ब थर्मामीटर हवा के तापमान के रिकोर्ड को नापता है और वेट बल्ब हवा में मौजूद नमी को नापता है।
खतरा
अगर हमारे वातावरण में वेट बल्ब थर्मामीटर का तापमान 35 डिग्री सेंटीग्रेट या उससे ज्यादा है तो गर्मी घटाने की शरीर की क्षमता तेज़ी से कम होती है। इससे किसी तंदुरुस्त व्यक्ति की भी करीब छह घंटे में मौत हो सकती है। एक इंसान के बचे रहने के लिए 35 डिग्री सेंटीग्रेट तापमान की जरूरत होती है। 31 डिग्री सेंटीग्रेट का नम तापमान भी ज्यादातर लोगों के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है।
वहीं धरती पर वेट बल्ब थर्मामीटर में रिकॉर्ड किया गया तापमान शायद ही कभी 31 डिग्री सेंटीग्रेट से ऊपर गया हो। हालांकि साल 2015 में ईरान में मौसम विज्ञानियों ने वेट बल्ब के तापमान को 35 सेंटीग्रेट के करीब देखा था। उसी साल गर्मियों में हीट वेव की वजह से भारत और पाकिस्तान में 35 सौ लोगों की मौत हुई थी।
चेतावनी
जर्नल साइंस एडवांसेज़ में प्रकाशित हुए शोध से पता चलता है कि अगर इंसान इसी तरह से संसाधनों का दुरुपयोग करता रहा, तो वेट बल्ब तापमान "गंगा नदी घाटी, उत्तर पूर्व भारत, बांग्लादेश, चीन के पूर्वी तट, उत्तरी श्रीलंका और पाकिस्तान की सिंधु घाटी समेत दक्षिण एशिया के ज्यादातर हिस्से में" 35 डिग्री सेंटीग्रेट के करीब पहुंच जाएगा।
Published on:
13 May 2019, 5:30 PM IST
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