
शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले को 17वां महानगर बनाए जाने के बाद सरकार ने देर रात यहां तैनात जिला अधिकारी अमृत त्रिपाठी को जिमेदारी सौंपते हुए उन्हें ही महानगर का प्रशासक नियुक्त कर दिया है। अब महानगर की पूरी बागडोर अमृत त्रिपाठी के हाथ आ गई है। इस व्यवस्था से नगर पालिका बोर्ड का अस्तिवत खत्म हो गया है और वार्ड मेम्बर और चेयरमैन की पॉवर जीरो हो गई है। अब नगर पालिका की वित्तीय पॉवर और प्रशासनिक व्यवस्था भी यहां के जिला अधिकारी को ही देखनी पड़ेगी।
24 को कैबिनेट मीटिंग में लिया फैसला
जिला अधिकारी के प्रशासक नियुक्त होते ही़ अध्यक्ष और 44 सभासद पैदल हो गए हैं। अब सभी का पॉवर
जिला अधिकारी के पास है। प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने के बाद से नगर निगम की घोषणा होने की चर्चाएं जोर शोर से चल रही थीं। शाहजहांपुर की जनता को उम्मीद थी कि दौरे पर आये योगी जी नगर निगम की घोषणा करके जायेंगे लेकिन उस समय घोषणा न होने से सैकड़ों लोगों की उम्मीद पर पानी फिर गया था। शाहजहांपुर सदर से विधायक और कैबिनेट नगर विकाश मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने यहां की जनता से जिले को नगर निगम बनवाने का वादा किया था। इसी के चलते अप्रैल की 24 तारीख को लखनऊ में हुई कैबिनेट की बैठक में शाहजहांपुर को प्रदेश का 17वां नगर निगम बनाने की मंजूरी दे दी गई। वहीं अधिसूचना जारी होने के बाद तत्काल जिला अधिकारी अमृत त्रिपाठी ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है और कार्य योजनाओं को नई दिशा देने की योजना तैयार कर रहे हैं जिससे नगर निगम को जल्द महानगर की सुबिधायें उपलब्ध हो सकें।
घोटालों की नगर पालिका
तेज तार्रार अधिकारी माने जाने वाले जिला अधिकारी को चार्ज मिलने के बाद घोटालेबाजों में हड़कम्प मचा हुआ है। इस नगर पालिका में सात सौ पचास करोड़ के संपत्ति रजिस्टर गायब होने के साथ करोड़ों के सोलर लाइट घोटाले सहित बर्फ मशीन खरीद कर नगर पालिका खासी चर्चाओं में रही है। अब जिला अधिकारी के प्रशासक बनने के बाद घोटालेबाजों में खलबली मची हुई है। लोगों ने यहां से लेकर लखनऊ तक और नगर विकास मंत्री से लेकर प्रभारी मंत्री तक कई बार शिकायत की लेकिन न ही कोई कार्रवाई हुई न ही रजिस्टर बना। आप को बता दें कि शाहजहांपुर में अरबों खरबों की बक्फ सम्पत्ति है जो एक साजिश के तहत लोगों ने खुर्दबुर्द कर दी है, जिसका सारा ब्यौरा सम्पत्ति रजिस्टर में दर्ज है इसी साजिश का खुलासा न हो जिसके चलते सम्पत्ति रजिस्टर को गायब कर दिया गया है जिसका आज तक कोई खुलासा नहीं हो सका। गायब रजिस्टर का सवाल करने पर प्रभारी मंत्री सहित नगर विकासमंत्री भी बगलें झांकने लगते हैं।
Published on:
28 Apr 2018, 8:41 AM IST
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