
स्कूल में शिक्षिका पत्नी के साथ बैठे सादिक सिद्धिकी (Photo Source - Patrika)
Shajapur news: मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले में शासकीय विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही का एक और मामला सामने आया है। जहां नौकरी तो पत्नी की है, लेकिन स्कूल में अध्यापन कार्य उसका पति कर रहा है। विगत दो वर्ष से यह व्यवस्था चल रही है। मामले की जानकारी विद्यालय की प्राचार्य को भी है, लेकिन प्राचार्य ने इसके बारे में वरिष्ठ अधिकारियों को आज तक नहीं बताया। ऐसे में विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
जिला मुख्यालय से करीब 8 किमी दूर ग्राम मुल्लाखेड़ी के शासकीय प्राथमिक स्कूल में पिछले दो वर्ष से बच्चों स्कूल में पदस्थ महिला शिक्षिका की जगह उनके पति बेझिझक पढ़ा रहे हैं। खास बात है कि मामले में जिम्मेदार अधिकारी पूरी तरह अनजान है। बताया गया कि इस विद्यालय में जासमीन बी बतौर शिक्षिका पदस्थ हैं। विगत 2 वर्ष से शिक्षिका जासमीन बी स्कूल तो जाती है, लेकिन बच्चों को पढ़ाती नहीं, बल्कि उनके स्थान पर उनके पति सादिक सिद्धिकी बच्चों को अध्यापन करवा रहे हैं।
रिकॉर्ड में शिक्षिका की हाजिरी दर्ज हो रही है और वेतन भी नियमानुसार लिया जा रहा है, लेकिन पढ़ाने की जिम्मेदारी पति संभाल रहे हैं। इस पूरे मामले में स्कूल की नियमित शैक्षणिक व्यवस्था और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों को मामले की तत्काल जांच कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
इस मामले से विद्यालय की प्राचार्य फरकुंदा बी भी अंजान नहीं है। वे स्वयं इस बात की पुष्टि कर रही है कि जासमीन बी की जगह उनके पति सादिक सिद्धिकी ही पिछले दो सालों से बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। बताया जाता है कि यहां पदस्थ शिक्षिका किसी कारणवश बच्चों को पढ़ा नहीं पाती। जिसके चलते उनके पति उन्हें यहां छोड़ने आते है और यही रुककर बच्चों की क्लास लेते हैं। प्राचार्य ने कहा कि सादिक सिद्धिकी को यहां पर पढ़ाने का कोई अधिकार नहीं है।
इस मामले की मुझे जानकार जानकारी दी है। मैं मामले की जांच करवाती हूं और जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।- दीपा कीर, जिला शिक्षा अधिकारी-शाजापुर
Updated on:
11 Sept 2026 02:10 pm
Published on:
11 Sept 2026 02:09 pm
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