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फेसबुक के जरिए 36 महीने बाद घर लौटा लड़का, कहानी पर आपको नहीं होगा विश्वास

36 महीने पहले गायब हुए बेटे के गम में पिता की हो गई मौत और मां रहने लगी थी बीमार पुलिस ने फेसबुक की सहायता से किशोर को ढूंढ निकाला घर में लौटी खुशी, परिजनों ने पुलिस का अदा किया शुक्रिया
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फेसबुक के जरिए 36 महीने बाद घर लौटा लड़का, कहानी पर आपको नहीं होगा विश्वास

शामली. घर से मदरसा जाते समय अचानक गायब हुए गुमशुदा युवक को साइबर सेल ने 36 महीने बाद फेसबुक के माध्यम से ट्रेस कर बरामद कर लिया है। युवक फेसबुक चला रहा था और उसी के आधार पर पुलिस ने युवक को तीन साल बाद गाजियाबाद से बरामद किया। तीन साल में जहां पिता पुत्र के गुम हो जाने के गम में चल बसे। वहीं, मां भी बीमारी के चलते चारपाई से लग गई थी, लेकिन पुलिस द्वारा युवक को बरामद कर लिये जाने से परिजनों में खुशी का माहौल है।

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कैराना क्षेत्र के गांव नगला राई निवासी नसीम पुत्र हाजी बुंदू 24 सितंबर 2016 को कैराना पुलिस को तहरीर देकर 15 वर्षीय पुत्र कलीम की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पिता ने बताया था कि उसका पुत्र शामली के मोहल्ला पंसारियान स्थित मदरसे में इस्लामिया हयातुल उलूम में पढ़ने के लिए गया था, लेकिन वह मदरसे में नही पहुंचा। इस संबंध में कैराना पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की थी। इस बीच पिछले 22 अप्रैल को उसके भाई शाहरूख ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर भाई कलीम को बरामद करने की गुहार लगाई थी। शाहरूख ने बताया था कि भाई के जाने के गम में पिता का इंतकाल हो चुका है और मां कलीम की याद में बीमार रहती है।

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पुलिस अधीक्षक अजय कुमार पांडे ने सोमवार को प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि इसी दौरान जांच पड़ताल की गई तो जानकारी हुई कि कलीम फेसबुक चला रहा है। इसके बाद पूरा मामला साईबर सैल को दिया गया। कलीम की फेसबुक आईडी के बारे में फेसबुक मुख्यालय से पत्राचार कर लाभप्रद सूचना प्राप्त करने के बाद कलीम को पिछले 19 मई को गाजियाबाद से बरामद किया गया। उसने बताया कि वह पढाई के डर से घर बिना बताये दिल्ली चला गया था। जहां उसने एक प्रिटिंग प्रेस में काम किया, जिसके बाद उसने इमरान व जाने आलम निवासी प्रेम गार्डन गाजियाबाद के पास झूले पर काम किया। ईद से पूर्व रमजान के पाक महीने में पुत्र को सकुशल बरामद देख परिजनों के चेहरे खुशी से खिल उठे है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को दिल से दुआ देते हुए उनका शुक्रिया अदा किया है।

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