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कूनो से आई दुखद खबर, नर चीता ‘गौरव’ की मौत, प्रबंधन ने की पुष्टि

Kuno National Park : 12 सितंबर को जंगल में सुस्त अवस्था में मिले चीते 'गौरव' की मौत हो गई है। सोशल मीडिया पर बीते तीन दिन से इस चीते की मौत का दावा किया जा रहा था, लेकिन कूनो प्रबंधन ने सोमवार शाम 4 बजे चीते की मौत होने की पुष्टि की है।
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श्योपुर

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Mohammad Faiz Mubarak

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Updated: 21 Sep 2026, 8:33 PM IST

Kuno National Park

नर चीता 'गौरव' की मौत (फोटो सोर्स: Tiger Safari Tours India)

Sheopur News : चीता स्टेट मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क से एक दुखद खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि, कूनो में एक नर चीते 'गौरव' की मौत हो गई है। कूनो प्रबंधन द्वारा चीते की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि, सोमवार शाम 4 बजे के आसपास उपचार दौरान चीते की मौत हुई है। चीते का बीते 9 दिन से कूनो में स्थित पालपुर के पशु अस्पताल में उपचार चल रहा था। 12 सितंबर को खुले जंगल में सुस्त पाए जाने के बाद क्वारंटीन बाड़े में उसे शिफ्ट किया गया था।

इस मामले में कूनो नेशनल पार्क प्रबंधन ने प्रेस नोट जारी करते हुए चीते की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने प्रेस नोट के माध्यम से बताया कि, 21 सितंबर 2026 को शाम करीब 4:00 बजे, कुनो नेशनल पार्क में इलाज के दौरान 10 साल से ज़्यादा उम्र के नामीबियाई चीते 'गौरव' की मौत हो गई है। 12 सितंबर 2026 को गौरव को कमज़ोर और सुस्त पाए जाने के बाद जंगल से रेस्क्यू किया गया था। जांच में वो काफ़ी कमज़ोर पाया गया था। उसकी मांसपेशियां कमज़ोर हो गई थीं और उसे गंभीर पानी की कमी थी।'

सोमवार शाम 4 बजे हुई मौत- कूनो

प्रबंधन ने आगे बताया कि, 'उसे तुरंत ज़रूरी इलाज और सपोर्टिव केयर दी गई, जिसके बाद उसे पालपुर ले जाया गया और बारीकी से निगरानी और आगे के इलाज के लिए क्वारंटीन बोमा में रखा गया। शुरुआती क्लिनिकल जांच में किसी पुरानी बीमारी का शक हुआ था। लगातार इलाज और सपोर्टिव केयर के बावजूद उसकी हालत बिगड़ती गई और सोमवार शाम करीब 4:00 बजे उसकी मौत हो गई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलेगी मौत की वजह

मौत की सही वजह का पता पोस्टमार्टम और लिए गए सैंपल की जांच के बाद चलेगा। इसी तरह रिपोर्ट मिलने पर आगे की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही, कुनो नेशनल पार्क में अब 51 चीते हैं, जिनमें भारत में जन्में 36 चीते शामिल हैं। इनमें से 16 चीते अभी जंगल में आज़ादी से घूम रहे हैं। गांधी सागर सैंक्चुअरी में मौजूद 4 चीतों को मिलाकर, भारत में चीतों की कुल संख्या अब 55 है।

RTI कार्यकर्ता ने 3 दिन पहले किया था मौत दावा

इस पूरे मामले की खास बात ये है कि, भले ही कूनो प्रबंधन ने नमीबियाई चीते 'गौरव' की मौत की पुष्टि सोमवार शाम को की है। साथ ही, मौत होने की बात शाम 4 बजे के आसपास बताई है, लेकिन इस मामले में आरटीआई कार्यकर्ता अजय दुबे बीते तीन से इस चीते की मौत का दावा करते हुए प्रबंधन पर चीते की मौत की पुष्टि न करने का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने इस संबंध में अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट भी किया था, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से सवाल पूछते हुए कहा था कि, कूनो में अस्पताल के फ्रीजर में शव रखे हुए चार दिन हो गए, सच कब उजागर किया जाएगा, मुख्यमंत्री जी ध्यान दीजिए।

चीते की मौत की पुष्टि के बाद RTI कार्यकर्ता अजय दुबे का दावा

कूनो प्रबंधन की ओर से चीते 'गौरव' की मौत की पुष्टि होने के बाद पत्रिका से खास बातचीत के दौरान आरटीआई कार्यकर्ता अजय दुबे ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि, चीते की मौत की बात तीन दिन पहले ही उनकी ओर से की गई थी। लेकिन हालही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर हुए कार्यक्रम और मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा मंदसौर में चीता छोड़ने का आयोजिन प्रायोजित था, जिसकी वजह से इस चीते की मौत को सार्वजनिक नहीं किया गया।

थर्ड पार्टी फॉरेंसिक टेस्ट की मांग

अजय दुबे ने ये दावा भी किया कि, सिर्फ इसी चीते की मौत की बात नहीं है। बल्कि अबतक एमपी में जितने भी चीतों की मौत हुई है, प्रबंधन द्वारा उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक ही नहीं की गई है। देश के हर नागरिक के समक्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए। साथ ही, चीता 'गौरव' के मामले में थर्ड पार्टी फॉरेंसिक जांच भी होनी चाहिए, ताकि स्पष्ट हो सके कि, चीते की मौत का समय क्या था?