
तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आकर तेंदुए की मौत, अबतक एक ही मार्ग पर 3 तेंदुए गवा चुके हैं जान
शिवपुरी. एक तरफ सरकार जहां तेंदुआ स्टेट कहे जाने वाले मध्य प्रदेश में तेंदुओं के संरक्षण को लेकर तमाम दावे कर रही है। वहीं, दूसरी तरफ लगातार तेंदुओं की मौत की खबरें भी सामने आ रही हैं। ताजा मामला सूबे के शिवपुरी जिले से सामने आया है। शहर के सुभाष पुरा थाना इलाके के अंतर्गत आने वाले नयागांव में स्थित ग्वालियर - शिवपुरी फोरलेन हाईवे पर रविवार की सुबह एक तेंदुए की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई है। भारी वाहन की टक्कर इतनी जोरदार थी कि, इसकी चपेट में आने से तेंदुआ कई फ़ीट दूर जाकर गिरा।
तेंदुए में टक्कर मारने वाला वाहन मौके से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि, हादसा बीती रात 12 बजे से 1 बजे के बीच हुआ है। हादसे की सूचना राहगीरों ने सतनवाड़ा रेंज समेत सुभाषपुरा थाना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस के साथ सतनवाड़ा रेंज के अधिकारियों ने तेंदुए के शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
दो साल में हाइवे पर तीसरे तेंदुए की मौत
सुभाषपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत कलोथरा-नयागांव के बीच शिवपुरी - ग्वालियर हाइवे पर एक तेंदुए की मौत सड़क दुर्घटना का ये कोई पहला मामला नहीं है।बीते दो साल पर ही गौर करें तो सड़क दुर्घटना में यहां तीसरे तेंदुए की मौत हुई है। इससे पहले जुलाई में भी सतनबाड़ा रेंज के सुभाषपुरा थाना क्षेत्र में नया गांव के पास इसी फोरलेन हाइवे पर एक तेंदुए की सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी है। इससे पहले इसी फोरलेन हाइवे पर ख़ूबत घाटी के पास एक तेंदुए को तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मार दी थी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। फिलहाल, सतनबाड़ा रेंज अब मामले की पड़ताल में जुट गई है।
हदसे रोकने के लिए नहीं हो सके पुख्ता इंतजाम
सड़क दुर्घटना में हर बार नेशनल पार्क समेत वन विभाग द्वारा आगे ऐसे हादसे न हों, इसके दावे किये जाते हैं। पहले भी जिम्मेदारों द्वारा जल्द ही ऐसे मार्गों को चिन्हित करने का दावा किया गया था, जहां से होकर वन्यजीव गुजरते हैं। ऐसे मार्गों पर साइन बोर्ड के साथ स्पीड कंट्रोल करने की व्यवस्था करने के दावे किये जाते हैं। लेकिन, इन दावों पर अबतक न ही अमल हुआ है और न ही सड़क हादसों में होने वाली तेंदुओं की मौतों पर लगाम लगाई जा सकी है।
बाघों की बसाहट पर चल रहा है काम
शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क को टाइगर सफारी बनाए जाने की घोषणा के बाद बड़ी ही तेजी से कार्य किया जा रहा है इसके लिए नेशनल पार्क की सीमा से सटे हुए कई गांव भी खाली कराए जा चुके हैं आंकड़ो की माने तो शिवपुरी माधव नेशनल पार्क में आधा सैकड़ा के लगभग तेंदुए मौजूद है परंतु यह तेंदुए नेशनल पार्क की सीमा से निकलकर आ जाते है और दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं परन्तु विभाग से जुड़े जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते इस प्रकार के हादसे सामने आ रहे हैं।
Published on:
16 Oct 2022 02:11 pm
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