4 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

57 फीसदी उम्मीदवार ‘नोटा से हारे‘

विधानसभा चुनाव में 53 उम्मीदवारों को नोटा से कम मिले मत
less than 1 minute read
Google source verification

सीकर

•

image

Ajay Sharma

•

Dec 05, 2023

वागड़ की राजनीति

राजस्थान का रण

विधानसभा चुनाव में हार- जीत की गणित के बीच जिले में नोटा को लेकर रोचक आंकड़ा सामने आया है। यहां आठों सीटों पर कुल 57 फीसदी प्रत्याशी नोटा (इनमें से कोई नहीं) के मतों तक भी नहीं पहुंच पाए। ज्यादातर तो एक हजार मतों में ही सिमट गए। नोटा से पिछडऩे वाले सबसे ज्यादा प्रत्याशी सीकर जिले के 9 रहे। यहां विजेता सहित सात उम्मीदवार ही नोटा को पछाडऩे में सफल हुए।

93 में से 57 नोटा से हारे
आठों विधानसभा सीटों से कुल 93 में से 57 प्रत्याशी अपने- अपने क्षेत्र में नोटा से हार गए। केवल 40 प्रत्याशियों को ही नोटा से अधिक वोट मिले। सीकर में 16 में से 9, फतेहपुर में 14 में से 7, लक्ष्मणगढ़ में 10 में से 7, दांतारामगढ में 14 में से 7, श्रीमाधोपुर में 9 में से 6, खंडेला में 10 में से 6, धोद में 11 में से छह तथा नीमकाथाना से 11 में से 5 प्रत्याशियों के मत नोटा को मिले मतों से कम रहे।

10510 ने दबाया नोटा
विधानसभा चुनाव में जिले में कुल 10 हजार 510 मतदाताओं को कोई उम्मीदवार पसंद नहीं आया। ऐसे में उन्होंने नोटा का विकल्प चुना। नोटा को सबसे ज्यादा 2676 मत श्रीमाधोपुर में मिले। इसके बाद लक्ष्मणगढ़ में 1552, खंडेला में 1445, दांतारामगढ़ में 1400, धोद में 1383, नीमकाथाना में 1283, फतेहपुर में 762 तथा सीकर में सबसे कम 695 मतदाताओं ने नोटा को चुना।

पिछले चुनाव से कम दबा नोटा
विधानसभा चुनाव में इस बार 2018 के पिछले चुनाव के मुकाबले नोटा को भी कम मत मिले। पिछले चुनाव में जिले की आठों विधानसभाओं में कुल 12 हजार 339 मतदाताओं ने नोटा का विकल्प चुना था। पर इस बार ये आंकड़ा 1829 की घटत के साथ 10, 510 पहुंच गया।

बड़ी खबरें

View All

सीकर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग