दो दिन तलाश करने के बाद उनका शव उसी शादी-समारोह स्थल के पास ही पड़ा मिलना, संदेह के घेरे में आ रहा है। इधर, जितेंद्र के भाई विनोद का कहना है कि पुलिस ने उसके भाई के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाल ली है। लेकिन, अंतिम समय इसके संपर्क में कौन लोग थे। इसका खुलासा नहीं कर रही है। ढिलाई बरतने के कारण न्याय की उम्मीद टूटती जा रही है। उनके यह बात भी गले नहीं उतर रही है कि यदि जितेंद्र की मौत बुधवार को ही हो गई थी तो दो दिन पडे़ रहे उसके शव की सूचना किसी को कैसे नहीं लगी। जबकि घटना स्थल मोहल्ले के बीच में हैं और इधर, से लोगों का आवागमन भी बराबर रहता है।