
पिण्डवाड़ा में पत्थर घडाई।
पिण्डवाड़ा. नगर समेत आस-पास गांवों में ज्यादातर लोग पत्थर घड़ाई का कार्य करते हैं, लेकिन इन युवाओं के लिए यहीं रोजगार अब मौत के मुंह में धकेल रहा है। जिसका कारण है सिलिकोसिस बीमारी। नगर सहित आस-पास फैक्ट्रियों व कारखानों में दिनभर मशीनों से पत्थर कटाई का कार्य करने वाले श्रमिक रोजाना इस गंभीर बीमारी के सम्पर्क में आ रहे हैं। दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग के पास ऐसे मरीजों के जांच के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं है। इसी कारण आमली में अभी तक २२ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि पिण्डवाडा तहसील में ऐसे १०८ गांव आते हैं। वहां पर कितने लोग इस बीमारी से ग्रसित होंगे। जहां उपचार के अभाव में दम तोड़ दिया होगा।
गांव-गांव लगाने पड़ेंगे शिविर
सिलिकोसिस मरीजों को चिन्हित करने के लिए प्रशासन को ग्राम पंचायत स्तर या गांव वार योजना बनाकर शिविर लगाने कर जांच की आवश्यकता है। जिसमें प्रशासन सहित श्रमिक संगठन, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवी संगठनों, उद्यमी व आमजन की भूमिका तय करने की आवश्यकता है। पिण्डवाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में एक रेडियोलोजेटिक्स चिकित्सक लगाने की महत्ती आवश्यकता है।
ये हैं लक्षण
इस बीमारी में मरीज के फेफड़े बेकार हो जाते हैं। इसमें क्रोनिक फार्म में श्वास फूलना धीरे-धीरे बढ़ता है। सूखी खांसी, बार-बार ब्रोंकाइटिस लक्षण, खून आना है। सिलिकोसिस का मरीज टीबी का शिकार जल्दी होता है। सामान्य स्थिति बिगड़ जाती है और रोगी को बुखार हो जाता है। इसके अलावा वजन कम होने व खांसी के साथ बलगम आना इस बीमार के प्राथमिक लक्षण है।
इनका कहना है...
सिलिकोसिस गंभीर रोग हैं। जिसको लेकर पहले भी स्वास्थ्य विभाग ने शिविर लगाए थे, लेकिन संसाधान पर्याप्त नहीं होने से परेशानी होती है। गांव-गांव शिविर लग सके। इसके लिए सरकार के स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।
-समाराम गरासिया, विधायक, आबू-पिण्डवाड़ा
अज्ञात व्यक्ति का शव मिला
पिण्डवाड़ा. वोलकेम तिराहा पर गुरुवार को अज्ञात व्यक्ति का शव मिला। जानकारी के अनुसार सिरोही रोड के वोलकेम तिराहा स्थित शराब की दुकान के सामने एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला है। पुलिस ने शव को शिनाख्त के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है।
Published on:
25 May 2018, 10:35 AM IST
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