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आबूरोड. रीको थाना पुलिस ने मंगलवार को ट्रक पर फर्जी नम्बर प्लेट लगाकर मावल रीको ग्रोथ सेंटर फेज-द्वितीय स्थित इकाई से दस लाख रुपए के स्टील के बर्तन भरकर खुर्दबुर्द करने के मामले का खुलासा किया है। सम्भवत: जिले में इस प्रकार से धोखाधड़ी का यह पहला मामला होगा, जहां दो जनों के बीच माल के लेनदेन से पूर्व ही ट्रक मालिक ने माल हड़प लिया हो। पुलिस ने आरोपी ट्रक मालिक को गिरफ्तार कर माल व ट्रक बरामद किया है। प्रभारी चम्पाराम के अनुसार सोनल फ्रेट कैरियर-महावीर ट्रांसपोर्ट अम्बाजी इंडस्ट्रीज एरिया के प्रोपराइटर हरिमोहन पुत्र मूलदान गढ़वी ने रिपोर्ट देकर बताया कि उसने ट्रांसपोर्ट कम्पनी के मार्फत मावल ग्रोथ सेंटर स्थित कौशल मैटल टेक प्राइवेट लिमिटेड से करीब 10 लाख रुपए के बर्तन उत्तरप्रदेश के जोनपुर पहुंचाने केलिए ट्रक नम्बर यूपी 32 एचएन 0928 में भरकर विपिन शर्मा नाम के चालक के साथ 21 अक्टूबर को रवाना किए। करीब 10 दिन तक माल सम्बंधित फर्म को नहीं मिलने पर ट्रक चालक के मोबाइल पर सम्पर्क का प्रयास किया। इस पर माल खुर्दबुर्द होने की आशंका पर परिवादी ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर ट्रक व ट्रक मालिक की तलाश शुरू की।
करनी पड़ी मशक्कत
हैड कांस्टेबल राजाराम प्रजापत व भवानीसिंह ने जांच के दौरान तकनीकी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया। कांस्टेबल जगदीश डूडी व पुलिस अधीक्षक कार्यालय की कम्प्यूटर शाखा के कांस्टेबल रमेश कुमार के तकनीकी सहयोग से जानकारी लेने पर पाया गया कि ट्रक नम्बर यूपी 32 एचएन 0928 का वाहन कंटेनर है, जो उसके मालिक के पास ही है। इसकी नम्बर प्लेट फर्जी लगाई गई थी। बर्तन ले जाने वाला ट्रक अन्य नम्बर से रजिस्टर था। ऐसे में टीम को आरोपी तक पहुंचने में मशक्कत करनी पड़ी।
गलत दस्तावेज का उपयोग
टीम ने यह भी पाया कि बर्तन ले जाने वाले ट्रक के वास्तविक नम्बर यूपी 30 एटी 6 6 95 हंै व इसका मालिक विजय कुमार पुत्र सतीशचन्द्र यादव रंटपुरा पुलिस थाना हरपालपुर जिला हरदौई उत्तरप्रदेश हाल निवासी सदर बाजार मेन मार्केट हरपालपुर उत्तरप्रदेश है। मालिक ट्रक पर फर्जी नम्बर प्लेट लगाकर स्टील के बर्तन भरकर ले गया व खुर्दबुर्द कर दिए। टीम ने यूपी की हरपालपुर पुलिस के सहयोग से खरगपुर निवासी गल्ला व्यापारी के घर छापा मारा, जहां से आरोपी विजयकुमार को गिरफ्तार किया तथा बर्तन व ट्रक जब्त किए। आरोपी ने फर्जी दस्तावेज से मोबाइल नम्बर लेकर पहचान छुपाने के प्रयास भी किए थे। इसके बावजूद पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया।
Updated on:
13 Nov 2019 10:23 am
Published on:
13 Nov 2019 10:23 am
