
Spic Macay Purulia Chhau Dance performance
जयपुर के वैशाली नगर स्थित डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल में भारतीय सांस्कृतिक चेतना और कला को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक भव्य एवं समृद्ध सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 'स्पिक मैके' के विशेष सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालय के विद्यार्थियों को भारत की पारंपरिक प्रदर्शन कलाओं की समृद्धता, सौंदर्य और सांस्कृतिक विविधता से रूबरू होने का अवसर मिला। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पश्चिम बंगाल की विश्व प्रसिद्ध एवं पारंपरिक मुखौटा नृत्य शैली 'पुरुलिया छऊ' की मनमोहक प्रस्तुति रही, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त कलाकार श्री तारापद राजक और उनके ऊर्जावान दल ने प्रस्तुत किया।
विद्यालय परिसर में आयोजित इस मनमोहक प्रस्तुति ने वहां मौजूद सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नृत्य नाटिका के माध्यम से कलाकारों ने रामायण के कई पौराणिक प्रसंगों तथा महिषासुर मर्दिनी देवी दुर्गा द्वारा आसुरी शक्तियों पर विजय प्राप्त करने की गाथा को अद्भुत अंदाज में जीवंत किया। नर्तकों की ऊर्जावान शारीरिक मुद्राओं, तेज और लयबद्ध पदचाप, भावपूर्ण हाव-भाव तथा भव्य वेशभूषा ने इस लोककला की विशिष्टता को मंच पर सजीव रूप में पेश किया।
पश्चिम बंगाल की छऊ नृत्य शैली अपनी विशेष प्रकार की कलात्मकता और युद्धक मुद्राओं के लिए जानी जाती है। कार्यक्रम के दौरान कलाकारों द्वारा पहने गए बारीकी से तैयार किए गए बड़े और रंग-बिरंगे मुखौटों ने बच्चों और दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
कलाकारों ने पारंपरिक ढोल, शहनाई और अन्य वाद्य यंत्रों की जोशीली धुनों पर युद्ध की नाटकीय मुद्राओं और संवादों के माध्यम से भारतीय संस्कृति की पौराणिक कहानियों को प्रस्तुत किया। छऊ नृत्य की यह प्रस्तुति न केवल मनोरंजक थी, बल्कि इसने भारत की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और उसके महत्त्व को भी बेहद प्रभावशाली ढंग से उजागर किया।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री राजन गौतम ने इस सांस्कृतिक अनुभव को साकार करने के लिए स्पिक मैके की प्रतिनिधि सुश्री वंदना और उनकी पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कला की उत्कृष्ट प्रस्तुति देने वाले मुख्य कलाकार श्री तारापद राजक एवं उनके साथ आए सभी कलाकारों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। प्रधानाचार्य ने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजनों से विद्यार्थियों में अपनी कलात्मक विरासत के प्रति सम्मान और गहरी अभिरुचि विकसित होती है।
इसके बाद विद्यालय की गतिविधि प्रभारी डॉ. स्वाति चौधरी ने औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने स्पिक मैके और कलाकारों का धन्यवाद करने के साथ-साथ कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों का विशेष रूप से आभार जताया, जिन्होंने अपने व्यस्त समय में से समय निकालकर इस आयोजन में सहभागिता निभाई।
इस सांस्कृतिक पहल के माध्यम से डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल, जयपुर ने अपने विद्यार्थियों में केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक जागरूकता और कलात्मक अभिरुचि को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। कार्यक्रम ने वहां उपस्थित सभी लोगों को भारत की विविध कला शैलियों की शाश्वत सुंदरता और उनकी निरंतर प्रासंगिकता का एक मजबूत और सार्थक संदेश दिया।
Updated on:
15 Oct 2026 02:30 pm
Published on:
15 Oct 2026 02:30 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
