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SATNA smart city: एबीडी एरिया के निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगाने सीईओ को पत्र

स्मार्ट सिटी: एक्जक्यूटिव डायरेक्टर ने अवैध निर्माण पर कार्रवाई के लिए भी लिखास्मार्ट सिटी के लिए आरक्षित भूमि पर बिना एनओसी के कोई भी निर्माण अवैध
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सतना

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Ramashankar Sharma

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Updated: 17 Jan 2020, 1:44 AM IST

सतना. स्मार्ट सिटी के एबीडी एरिया में हो रहे निर्माण कार्यों को लेकर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पत्र लिखा गया है। स्मार्ट सिटी के एक्जक्यूटिव डायरेक्टर ने जिपं सीइओ को इस क्षेत्र में हो रहे निर्माण कार्यों को बंद करने का लेख किया है। बताया है कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत सतना मैहर बाइपास रोड से लगे क्षेत्र उतैली, सिजहटा एवं सोनौरा में स्मार्ट सिटी बनाई जानी है। यहां योजना के तहत आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, टीओडी आधारित संस्थागत, सामाजिक आदि क्षेत्रों का विकास किया जाना है। इसलिए यहां होने वाले निर्माण कार्यों से भविष्य में स्मार्ट सिटी के कामों में दिक्कत होगी, इसलिए इस पर रोक लगाई जाए।
जिपं सीईओ को लिखे पत्र में स्मार्ट सिटी के चेयरमैन कलेक्टर के आदेशों का हवाला देते हुए कहा गया कि इस क्षेत्र में यदि कोई विभाग, फर्म या व्यक्ति किसी प्रकार का क्रय विक्रय, डायवर्सन निर्माण या विकास कार्य कराना चाहता है तो पहले उसे स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट लिमि. से एनओसी प्राप्त करनी होगी। हालांकि पाया गया है कि इस क्षेत्र में लगातार और हाल में भी निर्माण कार्य चल रहे हैं। इन निर्माण कार्यों से स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और पड़ भी रहा है।

होगी कार्रवाई

चेयरमैन के पत्र के हवाले से यह भी बताया गया कि इस क्षेत्र में बिना स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट लिमि. की एनओसी के क्रय-विक्रय, डायवर्सन, निर्माण या विकास कार्य को अवैध माना जाएगा। इतना ही नहीं इसे तोडऩे और बेदखली की कार्रवाई भी की जाएगी। साथ ही इसमें होने वाला व्यय भी संबंधित से वसूल किया जाएगा।
स्मार्ट सिटी एबीडी एरिया को लेकर यह है आदेश
बताया गया कि स्मार्ट सिटी का जो एबीडी एरिया (जहां 662 एकड़ में एक नया सुनियोजित शहर बसाना है) चिह्नित किया गया है उसमें उतैली का खसरा नंबर 132, 133, 124/1ख, सोनौरा के खसरा नंबर 30/1, 32/2, 33/1, 33/2, 34/1, 34/2, 35, 36, 37/1, 39/1, 40/1, 40/2, 40/3, 44/1, 44/2/1, 44/2/2, 44/2/2/3, 44/2/2/4, 44/2/2/5, 44/2/3/क/3, 44/2/3/क/3, 44/2/3/ख/1, 44/2/3/ख/2, 44/2/3/ख/3, 44/2/3/ख/4, 44/2/3/ग, 44/2/3/घ/1, 44/2/3/घ/2, 44/2/3/घ/3, 44/2/3/ड़, 44/2/3/च/1, 44/2/3/च/2, 44/2/4, 45, 46, 47, 64/3, 66, 73, 76, 77, 81/1, 81/2, 83, 85, 102/2, 103/2, 104/2, 105, 137, 288/1, 294/2, 295, 296, 297, 298/340, 307, 307/338, 307/339, 308, 308/341, 309/1, 309/2, 310, 327/1, 329, 329/342/1, 329/342/2, 329/342/3, 333, 108, 124, 125, 126, 278, 279, 288/1 तथा ग्राम सिजहटा के खसरा नंबर 1, 2, 3/1, 4/1/क, 17/1,67, 68, 124/1, 125/1, 5, 6, 20, 128, 129, 130/1, 134/1, 135/1, 135/2, 136/1, 137/1/क, 137/1/ख शामिल है। इन जमीनों सहित इनसे 1000 मीटर के क्षेत्र में किसी भी प्रकार का क्रय-विक्रय, डायवर्सन और निर्माण बिना स्मार्ट सिटी की एनओसी के अवैध माना जाएगा।