
नई दिल्ली। भारत के लिए कई वनडे टेस्ट और कई टी-20 खेलने वाले इरफान पठान ने अपने करियर में वापसी को लेकर अपना दर्द बयान किया है। टीम इंडिया में वापसी की कोशिशों में जुटे ऑलराउंडर इरफान पठान ने इस बात को स्वीकार किया कि उन्हें अब भारत की तरफ से खेलने की उम्मीद कम है। एक इंटरव्यू में पठान ने कहा टीम इंडिया ने कुछ समय पहले मेरा इंतजार करना छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि यह इसलिए भी है क्योंकि उन्होंने अपना सिलेक्शन करने का कोई मजबूत कारण भी नहीं दिया। बता दें कि पिछले 5 सालों से इरफान पठान ने भारत के लिए कोई वन-डे या टी20 इंटरनेशनल मैच नहीं खेला है। वहीं 9 साल पहले उन्होंने आखिरी टेस्ट मैच खेला था।
पठान टीम इंडिया के ऐसे गेंदबाज रहे हैं। जिनकी स्विंग से सामने वाला बैट्समैन कांप जाता था। पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट हैट्रिक, पर्थ में मैन ऑफ द मैच बनना और 2007 वर्ल्ड टी20 के फाइनल में धमाकेदार प्रदर्शन को भला कौन भूल सकता है। इंटरव्यू में पठान ने अपने शानदार प्रदर्शनों को लेकर कहा कि वह अगर उन्हें भूलना चाहूं तो फैंस ऐसा करने नहीं देते, जो बहुत अच्छा है। इससे उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने की हिम्मत मिलती है।
लेकिन इरफान ने बात को भी स्वीकार किया कि टीम इंडिया ने उनका कुछ समय पहले ही इंतजार करना छोड़ दिया। अपना आखिरी वन-डे खेलने के बाद बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने 17 मैचों में केवल 19 विकेट लिए थे। वहीं बैटिंग में केवल 298 रन बनाए थे। आईपीएल में भी उनका प्रदर्शन दमदार नहीं रहा था जिस वजह से उन्हें पिछले आईपीएल में किसी टीम ने नहीं खरीदा गया था। इस साल इरफान को रणजी ट्रॉफी के लिए बड़ौदा का कप्तान बनाया गया था। लेकिन उनका कप्तान के रूप में प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और उन्हें अपने पहले ही मैच में मध्यप्रदेश के हाथों शिकस्त झेलना पड़ी जबकि आंध्रप्रदेश के खिलाफ दूसरा मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ।
इरफान ने कहा कि उन्होंने ऑफ सीजन में कड़ी ट्रेनिंग की है। वह उम्मीद करते हैं कि आगे बेहतर प्रदर्शन करेंगे। यह सीजन उनके लिए काफी अहम है और उन्हें पता है कि वह पतली बर्फ पर खड़े हैं।'
Published on:
24 Oct 2017, 12:31 PM IST
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