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श्रीगंगानगर-अनूपगढ़.
आदर्श आंगनबाड़ी केन्द्रों को नया फर्नीचर खरीदने के मामले में करीब बारह करोड़ रुपए के कथित घोटाले के मामले में गुरुवार को श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ दोनो जिलों में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीमों ने दबिश की।इन दोनों जिलो में जयपुर से फर्नीचर सप्लाई के दस्तावेजों को खंगाला, वहीं मेज और कुर्सियों की गुणवत्ता के संबंध में जांच की। इस पूरे खेल में फर्नीचर सप्लाई फर्म के दस्तावेज जुटाकर जांच रिपोर्ट जयपुर भिजवाई जाएगी।
श्रीगंगानगर में एसीबी के एडिशनल एसपी राजेन्द्र ढिडारिया के नेतृत्व में टीम ने अनूपगढ़ महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय पहुंची।वहां जयपुर की फर्म से 60 टेबल और 60 कुर्सियां आई हुई थीं, इन मेजों में लगी प्लाईवुड और स्टील एंगल का वजन और उसकी गुणवत्ता को जांचा। इसी तरह कुर्सियों के लोहे का वजन भी किया गया। सप्लाई करने वाली फर्म के बिलों के अनुरुप यह फर्नीचर घटिया किस्म का प्रतीत हो रहा था। पूरी जांच रिपोर्ट तैयार की गई। ढिडारिया ने बताया कि गुरुवार सुबह महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक के पास पहुंचे और वहां से जिले में जयपुर की फर्म से नए फर्नीचर की सप्लाई के बारे में जानकारी जुटाई। उपनिदेशक कार्यालय से एसीबी टीम को अब तक अनूपगढ़ सीडीपीओ कार्यालय में ही नया फर्नीचर आने की जानकारी मिली तो अनूपगढ़ में इस टीम ने दबिश दी। वहां पहुंचते ही सीडीपीओ ऑफिस में खलबली मच गई। इसी तरह हनुमानगढ़ में भी एडिशनल एसपी गणेशनाथ की अगुवाई में टीमों ने फर्नीचर संबंधित जानकारी जुटाई।
मापदंडों के अनुसार नहीं मिली फर्नीचर की गुणवत्ता
हनुमानगढ़. फर्नीचर खरीद मामले में गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने गुरुवार को जंक्शन स्थित महिला एवं बाल विकास विभाग में आकस्मिक जांच की। एसीबी के पुलिस उप अधीक्षक गणेशनाथ के नेतृत्व में टीम ने कार्यालय में आंगनबाड़ी केन्द्र के लिए जयपुर से आई अलमारी, टेबल व कुर्सी की गुणवत्ता की जांच की। डीएसपी गणेशनाथ ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग में गत दिनों आंगनबाड़ी केन्द्र के लिए स्टील की एक अलमारी, कुर्सी व टेबल की सप्लाई आई थी। टेक्नीकल अधिकारी के साथ इनकी गुणवत्ता की जांच की गई। प्रथम दृष्टया वजन कम आया है। जांच जारी है। उन्होंने बताया कि उक्त सामान के बिल आदि कब्जे में लिए गए हैं। कितने रुपए का नुकसान हुआ, इसकी जांच जारी है।
यह था मामला
महिला एवं बाल विकास विभाग जयपुर ने अनुबन्ध दरों पर 21 आपूर्तिकर्ता फर्मों से 12 करोड़ 98 लाख 75 हजार 200 रुपयों की टेबल, कुर्सी, आलमारी स्टील फर्नीचर की खरीद की है। इस फर्नीचर की सप्लाई प्रत्येक जिले के सीडीपीओ ऑफिस में भिजवाई गई है। वहां से संबंधित आदर्श आंगनबाड़ी केन्द्रों में यह आपूर्ति की जानी है। आपूर्ति किए गए माल की गुणवत्ता खराब होने की सूचना पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने सीडीपीओ दौसा शहर और ग्रामीण में जब जांचा तो पूरी घोटाले के तार जयपुर स्थित विभाग मुख्यालय से जुड़े होना बताए गए। जांच के दौरान पाया गया कि गुणवत्ता खराब होने के साथ-साथ सभी फर्नीचर के वजन में निर्धारित मापदण्ड की तुलना में भारी कमी पाई गई है। जहां स्टील आलमारी का वजन 38.400 किलोग्राम होना चाहिए था, वहां वजन मात्र 21.600 किलोग्राम पाया गया है तथा स्टील शीट की मोटाई .9 एम.एम. की बजाय .6 एम.एम. पायी गई।
Published on:
11 Jan 2018 10:22 pm
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