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औचक निरीक्षण में गंदगी देख बिखरे एडीजे

ADJs scattered after seeing dirt during surprise inspection- जिला मुख्यालय पर संचालित रैन बसेरे का जायजा  
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औचक निरीक्षण में गंदगी देख बिखरे एडीजे

औचक निरीक्षण में गंदगी देख बिखरे एडीजे

#night shelters सर्दी में ठिठुरन बढ़ी तो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एडीजे गजेन्द्र सिंह तेनगुरिया ने राजकीय भीमराव अम्बेडकर महाविद्यालय के सामने शास्त्री बस्ती में संचालित रैन बसेरे का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान एडीजे ने टॉयलेट देखा तो नाराजगी जताई। वहां टॉयलेट गंदगी से अटे हुए थे, संड़ाध इतनी कि वहां खड़ा भी नहीं हो रहा था। वहीं वाशबेसन भी लंबे समय से साफ नजर नहीं आए। चिकित्सा सुविधा भी इस रैन बेसरे से गायब मिली। अलाव तपाने जैसी सुविधा नजर नहीं आई। वहीं पीने के पानी का बंदोस्त भी नहीं था। हालांकि रैन बसेरे में पुरूष व महिलाओं के लिए अलग-अलग रहने की व्यवस्था पाई गई। इस दौरान सर्दी से बचाव में गर्म रजाई व गद्दे रखे हुए पाए गए। इस रैन बेसरे के लिए केयर टेकर सहायक कर्मचारी सन्नी उपस्थित मिला।
इस दौरान एडीजे तेनगुरिया ने वहां रह रहे तीन जनों से सुविधाओं के बारे मेें पूछा कि आपको सुविधा मिलती हैं या नहीं। कोई व्यक्ति आपसे चार्ज तो वसूल नहीं रहा, इस पर इन लोगों का कहना था कि रजाई और बिस्तार मिले हुए हैं। सर्दी में बचाव का यही एक सहारा हैँ। एडीजे ने चिकित्सा सुविधा के बारे में पूछताछ की तो इन लोगों का कहना था कि डॉक्टर तो कभी देखा नहीं।
एडीजे तेनगुरिया का कहना था कि इस रैन बसेरे में पाई गई कमियों को सुधारने के लिए नगर परिषद और जिला प्रशासन को निर्देश देने की बात कही। पैरोकार प्रेम चुघ को यहां पाई गई कमियों को दूर कर रिपोर्ट भिजवाने के निर्देश भी दिए गए। तेनगुरिया का कहना था कि उच्च न्यायालय ने रैन बेसरों में इस सर्दी में बेसहारा लोगों को समुचित सुविधा देने के लिए निर्देश दे रखे हैं। निरीक्षण करने के बाद एडीजे तेनगुरिया ने बेघर, गरीब व असहाय व्यक्तियों को नजदीकी रैन बसेरों में रहने और प्रेरित करने के लिए नगर परिषद प्रशासन को एक दल गठन करने के भी निर्देश दिए। एडीजे का कहना था कि कोई भी बेघर या जरूरतमंद व्यक्ति इस कडाके की सर्दी में खुले में सोने को मजबूर ना हो।