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ना फायर एनओसी, ना भवन सुरक्षा प्रमाण पत्र,फिर भी शहर में चल रहे दो दर्जन मैरिज पैलेस

शहर के दो दर्जन मैरिज पैलेस संचालक डीएलबी के निर्धारित मापदंडों को पूरा नहीं कर रहे हैं।
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श्री गंगानगर

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vikas meel

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Updated: 24 Oct 2017, 9:16 PM IST

marriage palace

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श्रीगंगानगर.

शहर के दो दर्जन मैरिज पैलेस संचालक डीएलबी के निर्धारित मापदंडों को पूरा नहीं कर रहे हैं। इनके संचालकों ने फायर ऑफिसर से एनओसी और भवन सुरक्षा प्रमाण-पत्र तक नहीं लिया है।इसके बावजूद खुलेआम मैरिज पैलेस संचालित किए जा रहे हैं। नगर परिषद ने 30 जून तक इनकी जांच की। जांच में फायर एनओसी और भवन सुरक्षा प्रमाण पत्र नहीं होने सहित कईअन्य कमियों की पुष्टि हुई। इस पर नगर परिषद अधिकारियों ने पैलेस सीज करने की चेतावनी दी, लेकिन इसके बावजूद नगर परिषद प्रशासन ने आज तक डिफाल्टर मैरिज पैलेस संचालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। अब नगर परिषद फिर से इन मैरिज पैलेसों का सर्वे कर खानापूर्ति की नौटंकी कर रही है। वहीं, मैरिज पैलेस की सुरक्षा संबंधित प्रमाण पत्र देने का जिम्मा फिर से सार्वजनिक निर्माण विभाग को सौंप दिया है।

उल्लेखनीय है कि मई माह के द्वितीय सप्ताह में भरतपुर के एक मैरिज पैलेस की एक दीवार गिरने से दो दर्जन लोगों की मौत हो गई थी, लेकिन नगर परिषद प्रशासन ने इस हादसे से सबक नहीं लिया।12 मई को डीएलबी के निदेशक ने राज्य की नगर पालिका, नगर परिषद व नगरीय निकाय विभाग को पाबंद कर एक-एक मैरिज पैलेस की जांच कर अवैध मैरिज पैलेसों को तुंरत प्रभाव से सीज करने के आदेश दिए थे, लेकिन श्रीगंगानगर नगर परिषद की टीम ने एक भी मैरिज पैलेस को सीज नहीं किया। अब नगर परिषद दुबारा टीम बनाकर मैरिज पैलेसों की जांच करवा रही है।

जांच टीम गठित कर फिर से सर्वे

नगर परिषद के राजस्व अधिकारी ने एक टीम गठित की है, जो मैरिज पैलेसों की जांच कर रही है। डीएलबी से एक प्रफोर्मा प्राप्त हुआ है। इस प्रफोर्मा में विवाह स्थल का नाम व स्थान, क्षेत्रफल, विवाह स्थल के सामने सड़क की चौड़ाई,पार्र्किंग सुविधा, निकासी द्वार एवं प्रवेश द्वार , भवन मापदंड के अनुसार निर्माण हुआ है या नहीं, स्थाई है या अस्थाई, अग्निशमन संसाधनों की व्यवस्था, विवाह स्थल कितने व्यक्तियों के लिए पर्याप्त है, गार्ड व सफाई व्यवस्था आदि सहित अन्य जानकारियां मांगी गई हैं।

क्या होना चाहिए?

मैरिज पैलेस का रजिस्ट्रेशन,भू उपयोग परिवर्तन,सार्वजनिक निर्माण विभाग से भवन सुरक्षा प्रमाण,नगर परिषद के फायर ऑफिसर का सुरक्षा प्रमाण-पत्र,फूड लाइसेंस व साइड प्लान स्वीकृत करवाना आदि कागजी कार्रवाई पूर्ण होनी चाहिए।


किसी ने नहीं किया आवेदन

शहर के किसी भी मैरिज पैलेस के संचालक ने फायर ऑडिट के लिए एनओसी नहीं ली है। कोई आवेदन करेगा तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

गौतम,फायर ऑफिसर, नगर परिषद,श्रीगंगानगर।

करवाई जा रही है जांच

मैरिज पैलेसों की जांच के लिए टीम गठित की गई है। टीम डीएलबी से प्राप्त प्रफोर्मा के अनुसार मैरिज पैलसों की जांच कर रही है।

मिल्खराज चुघ,राजस्व अधिकारी, नगर परिषद, श्रीगंगानगर।

डीएलबी भेजी जाएगी रिपोर्ट

नगर परिषद क्षेत्र में संचालित दो दर्जन मैरिज पैलेसों की जांच पूर्व में की गई थी। उस दौरान सामने आया कि भवन सुरक्षा प्रमाण पत्र और फायर एनओसी नहीं ली हुई है। कमियां पूरी करवाने के लिए आरओ ने टीम गठित की है। इसकी रिपोर्ट डीएलबी को भेजी जानी है।

सुनीता चौधरी,आयुक्त,नगर परिषद, श्रीगंगानगर।

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