अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के आह्वान पर चिकित्सकों के आंदोलन के तहत सोमवार को भी हालात यथावत रहे। रोगी तो उपचार के लिए चिकित्सालय पहुंचे लेकिन उन्हें वहां डॉक्टर ही नहीं मिलने से अधिकांश निजी में ही उपचार लेना पड़ा। राजकीय जिला चिकित्सालय में कार्यरत चिकित्सक सरकारी ड्यूटी पर तो नहीं थे साथ ही रोगी फोन पर भी उनसे संपर्क नहीं साध पा रहे थे। अब परेशानी यह थी कि रोगी आखिर उपचार करवाएं तो कहां, ऐसे में उन्होंने अन्य निजी चिकित्सकों से संपर्क साधा।