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Rajasthan Farmers Protest: पुलिस बैरिकेड्स तोड़े, रात भर हाइवे पर पड़ाव, सांसद हनुमान बेनीवाल की अगुवाई में क्यों उग्र हुआ किसान आंदोलन?

राजस्थान के श्रीगंगानगर में सिंचाई पानी और खाद की किल्लत को लेकर हनुमान बेनीवाल के नेतृत्व में किसानों का उग्र आंदोलन शुरू हो गया है। किसानों ने टोल बैरिकेड्स तोड़कर हाईवे जाम कर दिया है।
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hanuman beniwal leads farmer protest sri ganganagar rajasthan

RLP MP Hanuman Beniwal leads Farmer Protest

राजस्थान के श्रीगंगानगर और अनूपगढ़ क्षेत्र में किसानों का गुस्सा अब सड़कों पर फूट पड़ा है। फसलों के लिए सिंचाई का पूरा पानी और रबी सीजन की बुआई के वक्त डीएपी (DAP) खाद की भारी किल्लत से जूझ रहे अन्नदाताओं ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के इस आंदोलन में कूदने के बाद से पूरा प्रशासनिक अमला अलर्ट मोड पर आ गया है। शनिवार देर रात तक चले इस उग्र घटनाक्रम के दौरान किसानों ने पुलिस बैरिकेड्स को ट्रैक्टरों से रौंद डाला और नेशनल हाईवे पर पड़ाव डालकर जाम लगा दिया है।

रातभर टोल नाके पर डटे रहे हनुमान बेनीवाल

श्रीगंगानगर जिले के घड़साना और अनूपगढ़ शाखा में पानी की मांग को लेकर किसान पिछले कई हफ्तों से एसडीएम दफ्तर के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। शनिवार शाम घड़साना की नई धानमंडी में एक बड़ी किसान सभा आयोजित की गई, जिसमें हनुमान बेनीवाल भी शामिल हुए। सभा के दौरान प्रशासन को दिया गया अल्टीमेटम पूरा होने के बाद, रात करीब 10 बजे हजारों किसानों ने बेनीवाल के नेतृत्व में श्रीगंगानगर की तरफ कूच कर दिया।

किसानों के इस काफिले को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने 12 एमडी टोल नाके के पास भारी नाकाबंदी और बैरिकेडिंग की थी। लेकिन उग्र किसानों ने बैरिकेड्स को गिरा दिया और टोल नाके पर कब्जा कर लिया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस बल को पीछे हटना पड़ा। इसके बाद देर रात किसानों ने पतरोड़ा के पेट्रोल पंप के पास नेशनल हाईवे नंबर 911 पर पड़ाव डालकर चक्का जाम कर दिया, जिससे मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हनुमान बेनीवाल रविवार सुबह 4 बजे तक भी टोल नाके और धरने पर किसानों के साथ डटे रहे।

क्या हैं किसानों की मुख्य मांगें?

अन्नदाताओं का यह आंदोलन मुख्य रूप से निम्नलिखित चार प्रमुख मांगों को लेकर चल रहा है:

स्थाई सिंचाई रेगुलेशन: अनूपगढ़ शाखा में सिंचाई पानी की समस्या का स्थाई समाधान चाहते हुए किसान 6 महीने का स्थाई रेगुलेशन लागू करने की मांग कर रहे हैं।

पर्याप्त पानी का वितरण: चार में से दो समूहों को पर्याप्त सिंचाई पानी उपलब्ध कराया जाए ताकि समय पर फसलों की बिजाई हो सके।

अधिकारियों पर कार्रवाई: पानी की आपूर्ति में लापरवाही बरतने वाले सिंचाई विभाग के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग।

फसल खराबे का मुआवजा: सूखे और पानी की कमी से खराब हुई फसलों की विशेष गिरदावरी करवाकर किसानों को उचित बीमा क्लेम और मुआवजा दिया जाए।

प्रशासन अलर्ट, 550 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात

आंदोलन के उग्र रूप को देखते हुए घड़साना, रावला, खाजूवाला और मंडी 365 हेड के बाजार पूरी तरह बंद रखे गए हैं। कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए घड़साना क्षेत्र में तीन बटालियन और करीब 550 से अधिक पुलिस तथा आरएसी के जवानों को तैनात किया गया है। किसान नेताओं ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार लिखित समझौता कर मांगों का ठोस समाधान नहीं करती, तब तक उनका यह संघर्ष और तेज किया जाएगा।

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