
नशा तस्कर दवा विक्रेता को दस साल कठोर कारावास
#drug smuggler नशीली दवाइयों की तस्करी के मामले में दवा विक्रेता को अदालत ने दस साल कठोर कारावास व एक लाख रुपए जुर्माने से दंडित किया हैं। आठ साल पहले पुरानी आबादी पुलिस ने इस दवा विक्रेता के यहां नशे के रूप में इस्तेमाल होने वाली 642 टेबलेट और 1920 कैप्सूल बरामद किए थे। यह निर्णय एनडीपीएस प्रकरणों के स्पेशल जज अशोक कुमार ने सुनाया।
विशिष्ट लोक अभियोजक अजय बलाना के अनुसार पुरानी आबादी के तत्कालीन एसएचओ अवधेश सांदू ने 10 जुलाई 2015 को करणपुर रोड पर गश्त के दौरान तीन चार लड़कों को आपस में झगड़ते देखा तो पूछताछ करने का प्रयास किया। लेकिन ये लड़के पुलिस दल को देखकर भाग गए लेकिन एक युवक को दबोच लिया। इस युवक की पहचान संजय गुप्ता पुत्र श्रीराम गुप्ता मालिक शिवम मेडिकल स्टोर के रूप में हुई। यह पुरानी आबादी के वार्ड 16 माड़चंद असवाल वाटिका के पास रहने वाला बताया गया। इस शख्स की दवा की दुकान श्रीकरणपुर रोड पर ही शिवम मेडिकल स्टोर के नाम से हैं। इस दुकानदार ने स्वीकारा कि कुछ लड़के उससे नशे की गोलियां मांगने के लिए झगड़ रहे थे, इसके कब्जे से प्लास्टिक थैली की तलाश ली तो वहां दवाइयों का जरीखा मिला। इस पर औषधि नियंत्रक अधिकारी पंकज जोशी को बुलाया और जांच कराई। इस अधिकारी ने पुलिस के साथ मिलकर जांच की तो इस थैली से नशे की गोलियां इंसरेट पांच एमजी के 35 पत्ते, एल्टो पांच एमजी के 640 पत्ते, ट्रोमाडोल की 1850 टेबलेट, टोरमाडोलक्स की 600 टेबलेट, कुल 9200 टेबलेट और स्पास्पो प्रोकसीवान प्लस के 1920 कैप्सूल बरामद किए गए। इसमें एनडीपीएस एक्ट घटक की 642 टेबलेट बरामद की। पुलिस ने आरोपी संजय गुप्ता को गिरफ्तार कर अदालत में चालान पेश किया। अदालत ने एनडीपीएस एक्ट के तहत 8-22 में दोषी मानते हुए संजय गुप्ता को दस साल कठोर कारावास व एक लाख रुपए जुर्माने की सजा से दंडित किया हैं। जुर्माना अदा नहीं करने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
Updated on:
18 Dec 2023 10:22 pm
Published on:
18 Dec 2023 10:22 pm
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