
CG Naxal: पुलिस ने एक इनामी सहित तीन नक्सलियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। तीनों नक्सली कई नक्सल घटनाओं में शामिल थे। जिले के गोलापल्ली इलाके में नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना पर जिला बल, डीआरजी सुकमा की संयुक्त पार्टी नक्सल विरोधी अभियान के लिए नक्सलियों के कोर एरिया ग्राम जबेली, रासातोंग, सिंगाराम व आस-पास क्षेत्र की ओर रवाना हुए थे।
इसी दौरान रासातोंग से जबेली जाने वाले पकडंडी रास्ते के पास जंगल में सादे वेश-भूषा में कुछ संदिग्ध व्यक्ति पुलिस पार्टी को अपती ओर आते देखकर भागने लगे, जिन्हें घेराबंदी कर दो व्यक्तियों को पकड़ा गया। पकड़े गए संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ करने पर सिंगाराम आरपीसी सीएनएम कमाण्डर एक लाख इनामी, कवासी पोज्जा , सिंगाराम आरपीसी मिलिशिया प्लाटून कमाण्डर ताती उर्फ मड़कम पोज्जा होना और नक्सल संगठन में कार्य करना बताया। वहीं दूसरी ओर गोलापल्ली क्षेत्र से ग्राम पुजारीपारा के पास जंगल से घेराबंदी कर सिंगाराम आरपीसी मिलिशिया सदस्य तुरसा एंका को गिरफ्तार किया गया।
पकड़े नक्सलियों के कब्जे से 01 नग स्टील टिफिन बम, लगभग 02 किग्रा,05 नग जिलेटिन रॉड, 05 नग डेटोनेटर, 20 मीटर लगभग बिजली वायर, 02 फीट कोर्डेक्स वायर बरामद किया गया।
छत्तीसगढ़ व महाराष्ट्र में कई नक्सल घटनाओं में शामिल 6 लाख के इनामी हार्डकोर नक्सली गणेश गट्टा पुनेम ने गढ़चिरौली पुलिस व सीआरपीएफ के सामने आत्मसमर्पण किया है। लाल आतंक का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में लौटने वाला नक्सली पुनेम छत्तीसगढ़ के भैरमगढ़ का निवासी है।
पीडिया में हुए कथित मुठभेड़ के विरोध में सर्व आदिवासी समाज के आह्वान पर बस्तर संभाग बंद को गजब का समर्थन मिला। लोगों ने सर्व आदिवासी समाज के बंद के समर्थन में सुबह से ही स्व स्फूर्त ही दुकानें बंद रखीं। वहीं अंदरूनी इलाकों में चलने वाली यात्री बसों के पहिए भी जिला मुख्यालय में थमे रहे।
मंगलवार को बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर, कांकेर और कोंडागांव इन सातों जिले में बंद का खासा असर देखने को मिला। बस्तर चेंबर ऑफ कामर्स सहित अन्य संगठनों ने भी बंद को अपना समर्थन दिया था। समाज के अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर का कहना है कि इस मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए, यदि ऐसा नहीं होता है तो आगामी समय में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
चार दशकों में पहली बार ऐसा हुआ है कि नक्सलियों पर जवानों ने इतनी बड़ी कार्रवाई की है। जवानों ने स्पेशल ऑपरेशन चलाकर चाकर महीने में ही 110 नक्सलियों को मार गिराया है। इसमें कई नक्सलियों पर लाखों का इनाम था। वहीं जवान मुठभेड़ स्थलों से भी भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामान बरामद कररहे है।
एक तरफ जहां जवान-नक्सली मुठभेड़ हो रही है वहीं दूसरी और सुरक्षाबल बस्तर के हार एक गांव में अभियान चला रहे है। बस्तर के चप्पे-चप्पे में तैनात होकर जवानों ने कैंप खोला है। नक्सलियों को हिंसा का रास्ता छोड़कर साधारण जीवन जीने के लिए जवान बस्तर के हर इलाके में अभियान चला रहे है। इससे प्रभावित होकर कई नक्सलियों ने हिंसा का राह छोड़कर आत्मसमर्पण किया है।
समूचे बस्तर में फोर्स के जवानों का मनोबल भी इस वक्त काफी ऊंचा है। कांकेर जिले के माड़ इलाके में बीते महीने 16 तारीख को हुई मुठभेड़ में जवानों ने 29 नक्सलियों को जब मार गिराया तो इसे फोर्स की सबसे बड़ी सफलता बताया गया। नारायणपुर जिले में मंगलवार को हुई मुठभेड़ में भी जवानों ने बेहद सुनियोजित तरीके से 10 नक्सलियों को मारा।
नक्सलियों का खात्मा करने जवानों ने कार्रवाई तेज कर दी है। एक तरफ जो नक्सली आत्मसमर्पण करना चाहते है उनके लिए पुलिस अधिकारी बस्तर के इलाकों में जा-जाकर अभियान चला रहे है। पुलिस द्वारा अभियान चलाने से नक्सली प्रेरित होकर आत्मसमर्पण कर रहे है। वहीं कुछ आतंकी जंगलों में छिपकर उत्पात मचा रहे है। इन आतंकियों के लिए जवान घने जंगलों में सर्चिंग ऑपरेशन चला रहे है। बता दें कि 100 दिनों में जवानों ने मुठभेड़ में 105 आतंकियों को मार गिराया है।
Updated on:
29 May 2024 01:46 pm
Published on:
29 May 2024 10:03 am
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