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इस नदी के बीच में विराजमान हैं महादेव, मान्यताएं है कई जो दर्शन करने खतरों से भी गुजर रहे हैं भक्त

शबरी नदी के बीच, महादेव के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु, जान जोखिम में डालकर नदी पार कर श्रद्धालुओं ने तेलावर्ती में की पूजा-अर्चना।
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सुकमा

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Eshwar Prashad Panigrahi

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Updated: 14 Feb 2018, 12:03 PM IST

फोटो गैलेरी : मान्यता है ऐसी नहीं डूबता है शिवलिंग, इस नदी के बीच खतरा मोल लेकर पहुंच रहे भक्त

फोटो गैलेरी : मान्यता है ऐसी नहीं डूबता है शिवलिंग, इस नदी के बीच खतरा मोल लेकर पहुंच रहे भक्त

फोटो गैलेरी : मान्यता है ऐसी नहीं डूबता है शिवलिंग, इस नदी के बीच खतरा मोल लेकर पहुंच रहे भक्त

सुकमा.महाशिवरात्रि पर्व दो दिन का होने से पहले दिन मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड उम्मीद से कम दिखी। मंगलवार की सुबह से श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर भोलेनाथ के दर्शन किए। नगर के राजबाड़ा के पास स्थित शिवमंदिर व महादेव डोंगरी मंदिर में दिन भर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा।

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सातधारों को पार कर पहुंचते हैं श्रद्धालु
जिला मुख्यालय से 8 किमी दूर स्थिति तेलावर्ती क्षेत्र श्रद्धालुओं के आस्था का सबसे बड़ा केन्द्र है। यहां शबरी नदी के बीच स्थित शिवलिंग के दर्शन लोगों ने किए और पूजा-अर्चना की। दर्शन के लिए श्रद्धालु सात धारों को पार करते यहां पहुंचते। राजेश नारा ने बताया, तेलावर्ती व गोंगला के ग्रामीणों के द्वारा मिलकर यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था की गई।

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इस वजह से बढ़ गई है लोगों की आस्था
नदी के मध्य होने के बाद भी नदी में कितना भी अधिक पानी हो यह शिवलिंग डूबता नहीं है। भगवान के शिवलिंग के चारों ओर मिट्टी की बाम्बी है, जो सालों से ऐसी ही बनी हुई है। इसके कारण यहां लोगों की आस्था और अधिक बढ़ जाती है। जिला मुख्यालय सहित समुचे जिले के कई छोटे-बड़े मंदिरों में महाशिवरात्रि के अवसर पर भण्डारे का आयोजन कर प्रसाद वितरण किया गया। अलग-अलग स्थानों में मंदिर समिति की ओर से शरबत वितरण किया गया।

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