
Varun gandhi
सुलतानपुर. सुुल्तानपुर में अपने दो दीवसीय दौरे के दूसरे दिन सासांद वरुण गांधी ने आज कई विकास योजनाओं की खबर ली। इस दौरान उन्होंने विकास कार्य के संबंध में कहा कि अगले चुनाव के लिए नहीं बल्कि अगली पीढ़ी के लिए मजबूत नींव तैयार करें। वरुण गाधी ने बुधवार को अधिवक्ता सभागार की आधारशिला रखी। इस दौरान उन्होंने 35 सड़कों का लोकार्पण किया। सड़कों के किनारे फलदार वृक्ष लगाने पर जोर दिया साथ ही प्रशासन से पॉलीथीन के प्रयोग को सख्ती से रोकने की अपील की।
अगले चुनाव के लिए नहीं बल्कि अगली पीढ़ी के लिए करें कार्य-
सांसद ने इस दौरान अधिकारियों से कहा कि वे अगले चुनाव के लिए नहीं बल्कि अगली पीढ़ी के लिए एक मजबूत नींव तैयार करें। वे किसी प्रकार के दबाव में न आएं। वरुण ने कहा कि यदि कोई जनप्रतिनिधि ऊंची आवाज में बात करता है या धमकी देता है तो मैं अधिकारियों के साथ खड़ा हूं। राजनीतिक दबाव कोई भी न झेलें।
ठीक नहीं है प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़कें-
वरुण गांधी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़कों के बारे में कहा कि यह ठीक नहीं बन रही हैं। एक ही बारिश में ही सड़कों का पता नहीं चल रहा है। काम अक्षम तरीके से हुआ है। उन्होंने कौशल विकास योजना, ग्रामीण सिंचाई योजना, नेशनल सोशल असिस्टेंट कार्यक्रम की भी जानकारी ली। प्रभागीय वनाधिकारी से पौधरोपण का ब्यौरा तलब किया तथा फलदार पौधराोपण के लिए लंबी दूरी वाली कम से कम छह सड़कों का चयन कर प्लान तैयार करने को कहा। सांसद ने कहा कि पर्यावरण सुधारने के लिए गंभीरतापूर्वक जनांदोलन चलाए जाने की जरूरत है। इससे क्वालिटी ऑफ लाइफ बढ़ेगा।
कुल्हड़ के प्रयोग पर बल-
सांसद ने कहा कि जिले में कुटीर उद्योग के रूप में कुल्हड़ उत्पादन की संभावना तलाश करें। प्लास्टिक के विकल्प के रूप में इसके उपयोग के लिए वातावरण बनाएं।
BSNL का नेटवर्क सुधारना मुश्किल-
बीएसएनएल के खराब नेटवर्क के बारे में वरुण गांधी ने जब पूछा तो बीएसएनएल के जिला प्रबंधक ने कहा कि हमारे केबिल जलनिगम, बिजली विभाग, एयरटेल व अन्य निजी दूर संचार सेवा प्रदाता कंपनियों द्वारा काट दिए जा रहे हैं। हमें सूचना तक नहीं दी जा रही है। पुलिस से शिकायत करने पर वो हमें दे रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने ऐसे मामलों को उनके संज्ञान में लाए जाने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रबंधक ने कहा कि उनका नेटवर्क सत्तर साल पुराना है। जहा केबिल डाली गई थी उन पर सड़कें बन गईं। प्रशासन ने कोआर्डिनेशन करने की कोई जरूरत ही नहीं समझी।
Published on:
13 Jun 2018, 4:28 PM IST
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