स्टीमेट तैयार हुये तकरीबन 24 महीने हो गए हैं, लेकिन एसईसीएल प्रबंधन टालमटोल कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले से कई बार एसईसीएल महाप्रबंधक बिश्रामपुर एवं कलक्टर को अवगत करा चुके है, परन्तु अब तक जिला प्रशासन व एसईसीएल प्रबंधन ने सक्रियता नहीं दिखाई है।