25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Video में देखिए 52 हाथियों ने छत्तीसगढ़ के इस जिले में कैसे मचा रखा है तांडव

ग्राम दुरती में सोमवार की रात एक घर भी तोड़ा, कई एकड़ में लगी किसानों की गन्ने व गेहूं की फसल की बर्बाद
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

सुरजपुर

•

image

Ram Prawesh Vishwakarma

•

Updated: 6 Feb 2018, 10:01 PM IST

Elephants waste crops

Elephants waste crops

पोड़ी मोड़. सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड स्थित ग्राम दुरती में हाथियों का दल विगत चार दिन से जमकर उत्पात मचा रहा है। सोमवार की रात 52 हाथियों के दल ने यहां उत्पात मचाते हुए डेढ दर्जन से ज्यादा किसानों की गन्ना, गेहूं व धान की फसल को बर्बाद कर दिया। एक घर को भी तहस-नहस कर दिया। दहशत में आए ग्रामीण रतजगा करने को मजबूर हैं।


गौरतलब है कि तीन दिन से प्रतापपुर क्षेत्र के दुरती में 52 सदस्यीय हाथियों का दल जमकर उत्पात मचा रहा है। रविवार की रात हाथियों ने 8 ग्रामीणों की फसल बर्बाद करने के साथ ही एक घर को तोड़ दिया था।

वहीं सोमवार की रात हाथियों का दल जंगल की ओर से फिर बस्ती में प्रवेश कर गया। हाथियों ने दुरती निवासी रामकुमार, रामविलास, सूरज चन्द, रामदुलार, शिव प्रसाद, देवी सिंह, रामरतन, महेश्वर सिंह, रामलखन, बरातो, हरिहर सिंह, सहदेव, महेन्द सिंह, दखल सिंह, रामकुमार व मनराखन की गेहंू व गन्ने की फसल को रौंद कर बर्बाद कर दिया।

इसके बाद रामदेव पिता दादु के मकान को ढहा दिया। पूरी रात ग्रामीण हाथियों को खदेडऩे में लगे रहे। वन विभाग के अमले के लापरवाह रवैये को देखकर ग्रामीणों में काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है। मंगलवार की सुबह वन अमले ने नुकसान का जायजा लेकर प्रकरण तैयार किया।

इस दौरान जनपद उपाध्यक्ष रुद्र प्रसाद राजवाड़े, लालसाय सिंह, देवपाल पैकरा, रुपचन्द देवागंन, विरेन्द्र गुप्ताए अजय साहू, हिरालाल, रामकुमार व ग्रामवासी उपस्थित रहे।


सर्वे कर नुकसान का लिया जायजा
वनपाल अनिल पांडेय ने बताया कि दो हाथियों के दल में २४ व २८ हाथी हैं। इसमें से 28 हाथियों का दल दुरती जगंल के आसपास विचरण कर रहा है। हाथियों ने किसानों की फसल व घर को नुकसान पहुंचाया है। जिसका हमने सर्वे कर लिया है। अभी टॉर्च, मशाल जैसी कोई व्यवस्था हमारे पास नहीं है। कर्नाटक से पांच कुमकी हाथी लाए गए हैं। उनके आज-कल में आने की उम्मीद है। कुमकी हाथियों की मदद से इन उत्पाती हाथियों को तमोर पिगंला पहुंचाया जाएगा।

बड़ी खबरें

View All

सुरजपुर

छत्तीसगढ़

ट्रेंडिंग