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जरही. जरही स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के कक्षा बारहवीं एक छात्र द्वारा बांध में कूदकर आत्महत्या की कोशिश की गई थी। उसने आरोप लगाया था कि स्कूल प्रबंधन द्वारा प्रताडऩा दी जा रही है, परिजन ने इसकी शिकायत भटगांव थाने में भी की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इससे नाराज छात्र संगठनों ने आंदोलन भी किया था, जिस पर कोर कमेटी ने बैठक कर निर्णय लेने का आश्वासन दिया था लेकिन यह बैठक फिर स्थगित कर दी गई और कहा गया कि प्राचार्य को 10 दिन की छुट्टी पर भेजा जा रहा है। अब १० दिन बाद बैठक कर फैसला होगा। कुल मिलाकर पूरे मामले को रफा-दफा करने की तैयारी की जा रही है और इसमें बाहरी नेता सक्रिय हैं। इससे विद्यार्थियों में भी आक्रोश है।
गौरतलब है कि जरही के सरस्वती शिशु मंदिर के कक्षा बारहवीं के छात्र अमित मेहता ने डूमरिया बांध में कूदकर आत्महत्या की कोशिश की थी, जिसे वहां से गुजर रहे कुछ लोगों ने बचा लिया था। इस मामले में छात्र ने स्कूल के प्राचार्य पर प्रताडऩा का आरोप लगाया था। परिजन ने भटगांव थाने में लिखित शिकायत भी की थी।
इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं होने पर छात्र संगठनों के साथ ही विद्यार्थियों ने कक्षा का बहिष्कार कर प्राचार्य के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया था। इस पर पीडि़त छात्र, परिजन व छात्र संगठनों को आश्वस्त किया गया था कि कोर कमेटी की बैठक कर उचित निर्णय लिया जाएगा, लेकिन कोर कमेटी की बैठक स्थगित कर दी गई और 10 दिन का समय लिया गया।
10 दिन के लिए प्राचार्य को भेजा गया छुट्टी पर
यह बताया गया कि प्राचार्य को 10 दिन की छुट्टी पर भेजा जा रहा है और इसी दौरान समिति बैठक कर अपना निर्णय बता देगी। कुल मिलाकर इस मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की जा रही है।
मामले को दबाने की कोशिश
कोशिश है कि किसी तरह मामले को दबा दिया जाए। इस मामले में कुछ बाहरी नेता भी सक्रिय हो गए हैं, जिसे लेकर विद्यार्थियों में आक्रोश है। इधर भटगांव पुलिस ने भी 5 दिन के भीतर कोई कार्रवाई नहीं की है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है।
Updated on:
20 Sep 2018, 8:37 PM IST
Published on:
20 Sep 2018, 8:37 PM IST
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