2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पति को अकेले नहीं मार पाती इसलिए बुला लिया 2 बदमाश, गला दबाया और फांसी पर लटका दी लाश

पीएम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने पर पुलिस ने पत्नी सहित तीनों आरोपियों को कर लिया था गिरफ्तार, न्यायालय ने सुनाया आजीवन कारावास
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

सुरजपुर

•

image

Ram Prawesh Vishwakarma

•

Updated: 28 Feb 2018, 9:08 PM IST

Hanging body

Hanging

सूरजपुर. सूरजपुर शहर से लगे ग्राम चंदरपुर में एक साल पहले पत्नी ने अपने २ साथियों के साथ मिलकर पति की गला दबाकर हत्या कर दी थी। इसके बाद हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए उन्होंने लाश को फांसी से लटका दिया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पीएम रिपोर्ट में हत्या के बाद शव फांसी पर लटकाने की पुष्टि होने पर पत्नी व उसके 2 साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

बताया जा रहा है कि दोनों के बीच किसी बात को लेकर मामूली विवाद हुआ था। 14 माह पुराने श्रीजलाल हत्याकांड में न्यायालय ने आरोपी पत्नी समेत तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

यह भी पढ़ें : अंधेरे में खड़े थे ट्रक व ट्रैक्टर, टकराने से बाइक सवार 4 लोगों की मौत

न्यायालयीन सूत्रों के अनुसार ग्राम चंदरपुर निवासी श्रीजलाल सिंह 40 वर्ष का शव विगत 11 दिसम्बर 2016 को घर के ही एक कमरे की म्यार में लटका पाया गया था। प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर जब सूरजपुर पुलिस ने मामले की विवेचना की तो यह बात सामने आई कि घटना दिवस 10 दिसंबर 2016 की रात पति और पत्नी कांति सिंह 35 वर्ष के मध्य किसी बात को लेकर विवाद हुआ था।

इसके बाद पत्नी ने गोविन्दपुर निवासी माथुर मोहन सिंह और चंदरपुर निवासी राम सिंह के साथ मिलकर पहले तो मृतक पति श्रीजलाल की जमकर पिटाई की और फिर गला दबाकर हत्या कर दी। इस सारे घटनाक्रम की आत्महत्या का रूप देकर बचने के चक्कर में तीनों ने मिलकर उसके शव को फांसी पर लटका दिया था। मामले में पुलिस ने धारा 302, 201, 34 के तहत अपराध दर्ज किया था।


इस चर्चित मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिल कुमार बारा और द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश कमलेश जगदल्ला के न्यायालय में की गई और न्यायाधीश कमलेश जगदल्ला ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास एवं 100-100 रूपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई है।