शास्त्रो में हुए उल्लेख के अनुसार अपने पिता की मृत्यु का बदला लेने के लिए परशुराम भगवान ने पृथ्वी पर क्षत्रियों का नाश करना शुरू कर दिया था। उस समय परशुराम भगवान के कोप से बचने के लिए बड़ी संख्या में क्षत्रियों ने हिंगलाजी माता की शरण ले रखी थी। चैत्री अमावस्या के दिन क्षत्रियों ने हाला पर्वत में हिंगलाजी माताजी की स्थापना की थी।