एक बच्चे ने तो तापी के मौजूदा स्वरूप और सुनहरे भविष्य की कल्पना करती तापी नदी की तस्वीर सामने रख दी। कुछ बच्चों ने तापी के आसपास के नजारे को खूबसूरत बनाते हुए उसे जीवन की जरूरत से जोड़ दिया।
कुछ इसी तरह की चित्रकारी पर्यावरण के सरोकारों से जुड़ी दिखी। बच्चों ने खत्म होते पेड़ों और धरती के संकट की व्यथा कागजों पर उकेर दी। उनकी पेंटिंग्स ने हरियाली को बचाने के संकेत के साथ ही इसे भविष्य की जरूरत के रूप में देखा, जिससे कि ग्रीन कवर को बढ़ाया जा सके।