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FEE ISSUE : दो शैक्षणिक सत्रों की फीस का मामला अभी तक नहीं सुलझा

नए शैक्षणिक सत्र की तैयारियों में जुट गया एफआरसी
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सूरत

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Divyesh Kumar Sondarva

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Updated: 29 Oct 2018, 9:16 PM IST

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FEE ISSUE : दो शैक्षणिक सत्रों की फीस का मामला अभी तक नहीं सुलझा

सूरत.

दो शैक्षणिक सत्रों की फीस का मामला अभी तक सुलझा नहीं है। वहीं तीसरे शैक्षणिक सत्र की फीस की तैयारियों में एफआरसी जुट गया है। शैक्षणिक सत्र 2019-20 की प्रोविजनल फीस के लिए स्कूलों को आवेदन करने के निर्देश दिए गए हैं। अभी तक किसी भी स्कूल ने एफआरसी की ओर से तय की गई फीस का पालन नहीं किया है।
निजी स्कूलों में फीस को लेकर अभिभावक और संचालकों के बीच हंगामा होता रहता है। प्रशासन निर्णय तो सुना देता है, लेकिन अमल नहीं करवा पाता है। अभी तक शैक्षणिक सत्र 2017-18 और 2018-19 की प्रोविजनल फीस का विवाद थमा नहीं है। एफआरसी ने कई स्कूलों की प्रोविजनल फीस जारी कर दी है। सभी को इसका पालन करने का भी निर्देश दे दिया गया है। आज भी स्कूल मनमानी फीस वसूल रहे हैं। हाल ही में एफआरसी ने दक्षिण गुजरात के 139 स्कूलों की प्रोविजनल फीस तय कर सूची जारी की। इसके दूसरे ही दिन स्कूल के खिलाफ जिला शिक्षा अधिकारी को शिकायत की गई कि एफआरसी की ओर से तय प्रोविजनल फीस का स्कूल पालन नहीं कर रहे हैं। फीस नहीं भरने पर परिणाम नहीं दिया जा रहा है। यह फीस का मामला शैक्षणिक सत्र 2017-18 और शैक्षणिक सत्र 2018-19 का है। नए शैक्षणिक सत्र 2019-20 की प्रोविजनल फीस को लेकर स्कूलों को आवेदन करने का निर्देश दिया गया है।


सूरत एफआरसी ने दक्षिण गुजरात की कई स्कूलों की प्रोविजनल फीस तय कर दी है। इन स्कूलों की सूची भी जारी की गई है। निजी स्कूल संचालक इसे मानने को तैयार नहीं हैं। मनमानी फीस वसूली जा रही है। अभिभावकों को लगा था कि उन्हें कुछ राहत मिलेगी, उन्हें फीस वापस की जाएगी या नए शैक्षणिक सत्र की फीस में उसे समायोजित किया जाएगा। ऐसा नहीं हो रहा है। कई अभिभावकों ने एफआरसी की ओर से तय फीस के अनुसार फीस भरी। स्कूल की ओर से उन्हें अतिरिक्त फीस भरने को कहा जा रहा है। अतिरिक्त फीस नहीं भरने वाले अभिभावकों को बच्चों का परिणाम नहीं दिया जा रहा है। एक स्कूल ने तो बस सेवा तक बंद कर दी है। एक अभिभावक ने इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी से शिकायत की है। फीस और प्रोविजनल फीस को लेकर बार-बार जिला शिक्षा अधिकारी से शिकायत की जा रही है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। दूसरी ओर एफआरसी का कहना है कि उसका काम फीस तय करना है। स्कूलों पर कार्रवाई करना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है।

139 स्कूलों की प्रोविजनल फीस जारी

दक्षिण गुजरात के स्कूलों की फीस तय करने का जिम्मा राज्य शिक्षा विभाग ने सूरत एफआरसी को सौंपा था। सूरत एफआरसी ने गुरुवार को दक्षिण गुजरात के 139 स्कूलों की प्रोविजनल फीस जारी कर दी। एफआरसी की ओर से जारी की गई प्रोविजनल फीस की यह सातवीं सूची है। इसमें सूरत, भरुच, नवसारी, नर्मदा, वलसाड और तापी जिले के बड़ी स्कूलों के नाम शामिल है। साथ ही गुजरात बोर्ड और सीबीएसइ स्कूलों की प्रोविजनल फीस भी जारी की गई है। कई स्कूलों ने 3 लाख रुपए तक की प्रोविजनल फीस की मांग की थी। ऐसे स्कूलों की फीस में एक लाख रुपए से अधिक की कटौती की गई है। कई स्कूलों की फीस 30 हजार से एक लाख रुपए तक है। किस स्कूल की कितनी प्रोविजनल फीस तय की गई है, इसकी सूची जिला शिक्षा अधिकारी की वेबसाइट पर जारी की गई है। इसमें सूरत जिले के 77, वलसाड जिले के 6, भरुच जिले के 26, नर्मदा जिले के 19, नवसारी जिले के 10 और तापी जिले के 2 स्कूलों के नाम हैं। सूची में यह उल्लेख भी किया गया है कि किस स्कूल की प्रोविजनल फीस 2017-18 के लिए है और किस की 2018-19 के लिए। कितने स्कूल इस आदेश का पालन करते हैं और अभिभावकों को फीस लौटाते हैं, यह आने वाले दिनों में पता चलेगा।

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