बताया गया है कि इस दौरान युवाओं ने मुख्य मंदिर के प्रथम मंजिल की जाली के साथ और मंदिर के 14 फीट ऊंचे प्रवेशद्वार की मढुली के साथ रस्सी बांधकर मटकी लटकाई थी। मटकी फोडऩे के बाद एक युवक रस्सी पकडक़र झुल गया था जिसके भार से प्रवेशद्वार की मढुली टूट गई और नीचे खड़े लोगों पर गिर गई। जिसमें सावित्री मोहन भानुशाली (45), उसकी बेटियां भावना (24), शिल्पा (22) और उसका देवर खीमजी तथा गणदेवी निवासी छगन पटेल घायल हो गए। गंभीर रुप से घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। घटना के बाद अस्पताल में लोगों की भीड़ जमा होने के कारण गणदेवी पुलिस को बुलाना पड़ा था।