इससे पहले रासलीला की शुरुआत सोमवार शाम करीब सात बजे दीप प्रज्जवलन से हुई। रास प्रदर्शन के बाद युवराज कंस का बहन देवकी के विवाह के लिए चिंतित होना, मित्र वसुदेव के साथ देवकी का विवाह, विदा के दौरान आकाशवाणी, कंस का बहन देवकी, बहनोई वसुदेव व पिता उग्रसेन को कारागार में डालने, एक-एक कर देवकी का सात बच्चों को जन्म देना और कंस का उन्हें मारना, कृष्ण जन्म, वसुदेव का कृष्ण को नंद के घर पहुंचाने के दृश्यों का मंचन किया गया। बुधवार को भक्त मीराबाई की कथा का मंचन किया जाएगा।