सूरत. पर्युषण महापर्व के दौरान रविवार को शहर में जगह-जगह संतवृंद के सान्निध्य में कल्पसूत्र का वाचन शुरू किया गया। इसमें कैलाशनगर, भटार, उमरा, घोडदौडऱोड, कतारगांव, गोपीपुरा, नानपुरा समेत विभिन्न उपाश्रयों में गुरु भगवंतों को कल्पसूत्र ग्रंथ अर्पित किए गए। मॉडलटाउन अचलगच्छ जैन संघ में साध्वी भद्रगुणाश्री, रांदेर रोड लाडुवा श्रीमाली जैन उपाश्रय में ज्ञानरश्मिविजय महाराज के प्रवचन हुए। इस अवसर पर महाराज ने बताया कि कल्पसूत्र में भगवान महावीर के 27 भव यात्रा, त्रिशला के देखे गए 14 स्वप्न, 24 तीर्थंकरों एवं साधु समागत का वर्णन है। सोमवार को कई जगह गुरु भगवंतों के सान्निध्य में कल्पसूत्र द्वारा भगवान महावीर का जन्म वाचन होगा। जन्म वाचन होते ही श्रद्धालु खुशी से एक-दूसरे का मुंह मीठा कराएंगे।