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जिला पंचायत की सामान्य सभा में सत्तापक्ष को घेरा

विपक्ष ने शिक्षा व्यवस्था की बदहाली पर किया हंगामा
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सूरत

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Vineet Sharma

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Updated: 8 Oct 2018, 9:22 PM IST

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जिला पंचायत की सामान्य सभा में सत्तापक्ष को घेरा

नवसारी. नवसारी जिला पंचायत की सोमवार को हुई सामान्य सभा में विपक्ष ने जिले में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली पर सत्ता पक्ष को घेरा। इस मामले में सत्तापक्ष ने उचित कार्यवाही का भरोसा दिया।

जिला पंचायत अध्यक्ष अमिता पटेल की अध्यक्षता में सोमवार को हुई सभा में एजेन्डे के नौ कामों पर चर्चा शुरु होते ही विपक्षी सदस्यों ने आदिवासी विस्तार में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरु कर दिया। जवाब में जिला प्राथमिक शिक्षाधिकारी डॉ. मेहुल व्यास ने कहा कि जिले की स्कूलों में 273 कमरे जर्जर हैं जिन्हे बनाने के लिए सरकार से मंजूरी मांगी गई है। जिसमें से 57 की मंजूरी मिल गई है।

विपक्ष ने कांगवई और सारवणी गांव की जर्जर स्कूलों का मुद्दा उठाया तो बताया गया कि ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट में डालने की नोटिस दी गई है। विपक्षी नेता बारुक चौधरी ने वांसदा के निरपण गांव में कक्षा आठ तक की प्राथमिक स्कूल में सात में से सिर्फ दो शिक्षिकाओं से काम चलाने की जानकारी देते हुए आरोप लगाया कि स्कूल के बच्चों को एक से सौ तक की गिनती भी नहीं आती है। उन्होंने दावा किया कि कोई बच्चा एक से सौ तक गिनती गिन दे तो वे अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला पंचायत अध्यक्ष और शिक्षा अधिकारी से शिकायत के बाद भी विपक्षी नेता की सुनी नहीं जाती है तो आम लोगों का क्या होगा।

शिक्षा अधिकारी ने बाद में जानकारी दी कि स्कूल में निरपण में प्रवासी शिक्षकों की व्यस्था करने से अब स्कूल में छह शिक्षक हो गए हैं। मानकुनिया शाला में नौ शिक्षकों की जरुरत है जबकि वहां दस शिक्षक हैं। वहां से एक को निरपण गांव में लगाया जाएगा। विपक्षी सदस्यों ने पशु चिकित्सकों की कमी से पशुपालकों की मुश्किलों, तथा जिला पंचायत सदस्यों को सभा में उपस्थित होने के लिए भत्ता समय पर देने की मांग की। उन्होंने बताया कि पूर्व में हुई छह सामान्य सभा का भत्ता दे दिया गया है और तीन सभा का जल्द दिया जाएगा।

शिक्षक ही रखते हैं चार हजार में शिक्षक

इस मामले में कांग्रेसी विधायक अनंत पटेल ने आरोप लगाया कि प्राथमिक स्कूलों में कई शिक्षक शराब पीकर आते हैं तो कई शिक्षकों ने अपने स्थान पर पढ़ाने के लिए चार हजार वेतन देकर शिक्षक की नियुक्ति कर रखी है। वह उनके स्थान पर स्कूल जाकर छात्रों को पढ़ाते हैं। ऐसे शिक्षकों पर कार्रवाई की मांग की।

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