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RTE : डीइओ ने मांगी आरटीइ प्रवेश की जानकारी

- स्कूलों को फीस का ब्योरा भी देना होगा, तभी मंजूर होगा अनुदान
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सूरत

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Divyesh Kumar Sondarva

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Updated: 18 Sep 2018, 8:06 PM IST

surat

RTE : डीइओ ने मांगी आरटीइ प्रवेश की जानकारी


सूरत.

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सभी स्कूलों से आरटीइ के अंतर्गत प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की जानकारी मांगी है। सभी स्कूलों से आरटीइ के विद्यार्थियों की फीस की जानकारी भी मांगी गई है। फीस की जानकारी मिलने पर ही स्कूलों को अनुदान दिया जाएगा।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने 2014 से अब तक आरटीइ के अंतर्गत प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की जानकारी मांगी है। अभी विद्यार्थी कौन-सी कक्षा में है, कितने विद्यार्थी स्कूल छोड़ गए है और कहां पढ़ रहे हैं, स्कूलों को यह सारी जानकारी देने का आदेश दिया गया है। स्कूलों से प्रवेश फीस, सत्र फीस, कम्प्यूटर फीस, ट्यूशन फीस के साथ अन्य फीस की जानकारी विस्तार से मांगी गई है। स्कूल विद्यार्थियों को अन्य कौन-सी सुविधाएं देते हैं, इसकी जानकारी भी मांगी गई है। यह जानकारी देने पर ही स्कूल को फीस संबंधी अनुदान दिया जाएगा।

दावा खोखला साबित हुआ

राज्य शिक्षा विभाग नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले आरटीइ प्रवेश पूर्ण करने का दावा रहा था, लेकिन यह दावा खोखला साबित हुआ। पहले चरण की प्रवेश प्रक्रिया स्कूल शुरू होने के बाद तक चली। फिर मामला अदालत में पहुंचने के कारण दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया रोक दी गई, जिससे कई बच्चे प्रवेश से वंचित रह गए। दो महीने बाद 13 अगस्त से दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई। इससे पहले अभिभावकों ने कई बार प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने के बारे में पूछताछ की थी, लेकिन उन्हें उचित जवाब नहीं मिला। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के चक्कर काट-काटकर अभिभावक परेशान हो गए। दूसरी ओर स्कूल शुरू हो गए। अभिभावकों को लगा कि दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया जल्द शुरू नहीं हुई तो उनके बच्चों का साल बिगड़ सकता है, इसलिए उन्होंने बच्चों को अन्य स्कूलों में प्रवेश दिलवा दिया।


आरटीइ प्रवेश प्रक्रिया को दो चरणों में विभाजित किया गया था
इस बार आरटीइ प्रवेश प्रक्रिया को दो चरणों में विभाजित किया गया था। पहला चरण जून में पूरा हो गया था। इसमें सूरत कॉर्पोरेशन में 6,301 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया। जिन्हें इस चरण में नहीं चुना गया, उन्हें दूसरे चरण का इंतजार करने को कहा गया था। शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बावजूद दूसरे चरण की घोषणा नहीं की गई थी। कई स्कूलों ने खुद को अल्पसंख्यक बताकर आरटीइ प्रवेश के तहत चुने विद्यार्थियों को प्रवेश देने से मना कर दिया। मामला अदालत में पहुंचा तो सूरत जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा था कि आरटीइ प्रवेश का दूसरा चरण कब शुरू होगा, फिलहाल तय नहीं है। इससे सैकड़ों अभिभावक परेशान थे। दो महीने के इंतजार के बाद 13 अगस्त से आरटीइ के दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई है। प्रवेश के इच्छुक 400 से अधिक विद्यार्थियों में से करीब 140 को स्कूलों में प्रवेश के लिए चुना गया है। अभिभावकों और विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचकर प्रवेश लेने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य शिक्षा विभाग ने दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया 21 अगस्त तक पूर्ण कर लेने के आदेश दिए हैं। दूसरे चरण में चुने गए विद्यार्थियों को प्रवेश के लिए स्कूलों को भी आदेश दिया गया है।

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