
वांसदा. नवसारी पुलिस ने अनोखी पहल करते हुए अनुसूचित जनजाति के युवक-युवतियों को नौकरी पर नियुक्ति से पहले नौकरी के गुर सिखाए। उन्हें नौकरी के दौरान आने वाली मुश्किलों से निपटने और रोजमर्रा के कामकाज का प्रशिक्षण दिया गया।
नवसारी जिला पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में वांसदा पुलिस द्वारा आदर्श निवासी शाला में 29 जनवरी से 28 फरवरी तक अनसूचित जनजाति के युवक युवतियों के लिए माह की प्री- रिक्रूटमेन्ट तालीम शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 59 युवक व 28 युवतियों समेत 87 लोगों को प्रशिक्षण दिया गया। जिसके अंतर्गत सुबह सात से नौ बजे तक गांधी मैदान में नवसारी जिले के ड्रील इंस्ट्रक्चर प्रकाश पाटील द्वारा आउटडोर फिजिकल और सूरत के विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा इंडोर क्लास रुम प्रशिक्षण दिया गया।
जिला पुलिस की ओर से प्रशिक्षणार्थियों को नाश्ते से लेकर खाना और लिखित परीक्षा कीतैयारी के लिए सभी विषयों की पुस्तकों की व्यवस्था की गई थी। शिविर के समापन समारोह में एसपी डॉ गिरीश पंड्या ने परीक्षा के लिए सभी को प्रोत्साहित किया। इस दौरान उन्होंने सभी युवक युवतियों को आयोजन पूर्वक परीक्षा की तैयारी, नियमित संतुलित आहार तथा दैनिक समाचार पत्रों के वांचन एवं समाचार चैनलों के माध्यम से अपने सामान्य ज्ञान में वृद्धि की सलाह दी गई। इस दौरान पुलिस भर्ती के नियमों व परीक्षा संबंधित जानकारी भी विस्तार से दी गई।
पत्नी के जन्मदिन पर किया 100वीं बार रक्तदान
वलसाड. धरमपुर मे एक युवक ने अपनी पत्नी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में रक्तदान कर लोगों को इस प्रवृत्ति के लिए जागरुक किया। युवक ने यह रक्तदान 100 वीं बार किया है और अन्य लोगों से भी रक्तदान कर लोगों का जीवन बचाने का अनुरोध किया। बरुमाल निवासी भावेश रायचा 22 साल से धरमपुर रक्तदान केन्द्र में नौकरी करता था। गत दिनों उसने अपनी पत्नी के जन्मदिन पर 100 वीं बार रक्तदान करते हुए जिले में एक रिकार्ड कायम किया। इसमें 54 बार प्लेटलेट रक्तदान भी शामिल हैं। उसने कहा कि रक्तदान किसी के जीवन को बचाने का सबसे सरल उपाय है और हर तीन से चार माह मे रक्तदान करना चाहिए।
Published on:
06 Mar 2018 11:17 am
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