
सूरत.
इजिप्ट से आए गायनेक विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अठवागेट के निमाया अस्पताल में रविवार को एक के बाद एक अठारह ऑपरेशन किए। बच्चेदानी निकालने, गांठ दूर करने, बच्चेदानी के कैंसर और ट्यूब खोलने जैसी कई महत्वपूर्ण सर्जरी का लाइव प्रसारण महावीर अस्पताल के ऑडिटोरियम में चल रहा था, जहां सवा सौ गायनेकोलॉजिस्ट उसे देख रहे थे।
नाडकरणी मेडिकल फाउंडेशन की ओर से निमाया अस्पताल में इंडो-इजिप्ट लाइव इंडोस्कोपी वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस दौरान होने वाली गायनेक विभाग की महत्वपूर्ण सर्जरी के लाइव प्रसारण की व्यवस्था महावीर अस्पताल के ऑडिटोरियम में की गई। सूरत ऑब्सट्रेटिक गायनेक सोसायटी की इलेक्ट अध्यक्ष डॉ. रूता गोकाणी राव ने देश-विदेश से लाइव वर्कशॉप में शामिल होने आए सवा सौ गायनेक विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों को कॉर्डिनेट किया। वर्कशॉप में पूछे गए सवालों के जवाब नेशनल और इंटरनेशनल फैकल्टी ने दिए। डॉ. पूर्णिमा नाडकरणी ने बताया कि इजिप्ट के ओसामा सोकी के साथ डॉ. पूजा नाडकरणी, डॉ. प्रभाकर सिंह, डॉ. अक्षय नाडकरणी ने ऑपरेशन किया। वर्कशॉप में देश के अलग-अलग शहरों से भी गायनेकोलॉजिस्ट आए हुए थे। इनमें बैंगलूरु से डॉ. बी. रमेश, दिल्ली से डॉ. विजय नायक, अहमदाबाद से डॉ. संजय पटेल, मुम्बई से डॉ. नागेन्द्र सरदेश पांडेय, डॉ. प्रफ्फुल दोशी, डॉ. राजेश तुली समेत अन्य शामिल हैं। वर्कशॉप के लिए १८ मरीजों को ऑपरेशन के लिए तैयार किया गया था। सभी ऑपरेशन दूरबीन से किए जाने थे। इस प्रकार की सर्जरी में मरीजों को कम समय में अस्पताल से छुट्टी मिल जाती है।
सीखने को मिला
गायनेक विभाग के चिकित्सकों द्वारा दूरबीन से किए जाने वाले ऑपरेशन में कई नई तकनीक शामिल की गई हैं। इससे मरीज की जान को बहुत कम खतरा रहता है। वह जल्दी अच्छा होकर घर चला जाता है। ऑपरेशन के तरीके के लाइव डेमोस्ट्रेशन से वर्कशॉप में शामिल सवा सौ चिकित्सकों को बहुत कुछ सीखने को मिला। वर्कशॉप में देश के पांच बड़े गायनेकोलॉजिस्ट ने भी हिस्सा लिया।
डॉ. पूर्णिमा नाडकरणी, गायनेकोलॉजिस्ट
Published on:
07 Feb 2018 12:44 pm
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