भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की ओर से वॉलमार्ट और फ्लिपकार्ट डील को मंजूरी के विरोध में कॉन्फिडेरशन ऑफ ऑल इंडिया ट्ऱेडर्स एसोसिएशन की ओर से 19 अगस्त को देशभर के व्यापारियों की नागपुर में बैठक बुलाई गई है।
कैट के गुजरात चैप्टर के प्रमुख्र प्रमोद भगत ने बताया कि वॉलमार्ट और फ्लिपकार्ट डील में सरकार मूक दर्शक बनी हुई है। समझौते के कारण सारी वस्तुएं ऑनलाइन पोर्टल पर बड़े डिस्काउंट के साथ बिकेंगी। इससे छोटे व्यापारियों को नुकसान होगा। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग का कहना है कि यह बातें उसके कार्यक्षेत्र में नहीं है। कैट का पक्ष भी नहीं सुना गया। सरकार ने 2016 में स्पष्ट किया था कि इ-कॉमर्स पोर्टल सिर्फ मार्केट प्लेस का काम करेगा। किसी भी तरह से वह कीमतों पर असर नहीं डालेगा, लेकिन फ्लिपकार्ट इसके विपरीत काम कर रहा है। फ्लिपकार्ट और वॉलमार्ट की डील में दुनियाभर के प्रोडक्ट बाजार में रखे जाएंगे। इससे पूरे देश का व्यापार मुट्ठीभर लोगों के हाथ में आ जाएगा। कैट ने रिटेल व्यापारियों के अस्तित्व को संकट में बताते हुए वित्तमंत्री पियूष गोयल तथा वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु से मिलने का समय मांगा है। कॉन्फिडेरशन ऑफ ऑल इंडिया ट्ऱेडर्स एसोसिएशन की ओर से 19 अगस्त को देशभर के व्यापारियों की नागपुर में बैठक बुलाई गई है