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ब्लैक कॉफी, ग्रीन टी, दूध वाली चाय व कॉफी… इन्हें पीने का सही समय और तरीका क्या है? विशेषज्ञों के हिसाब से समझें

आपकी सुबह की पहली चुस्की से लेकर शाम की चाय तक, हर पेय का सही समय आपके स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित कर सकता है। जानिए कब और कैसे पीना है, ताकि हर घूंट आपको फायदा दे।
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Ravi Gupta

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Updated: 30 Oct 2026, 11:26 AM IST

Credit- Janani AI

सुबह की पहली किरण से लेकर शाम तक, ब्लैक कॉफी, ग्रीन टी और दूध वाली चाय या कॉफी - हर एक पेय का अपना समय और तरीका होता है। यह जानना जरूरी है कि इन्हें कब और कैसे पीना आपके स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है। साथ ही ऊर्जा दे सकता है। आइए, विशेषज्ञों और शोधों के हिसाब से समझते हैं।

पानी से दिन की शुरुआत

सुबह उठते ही एक गिलास पानी पीना शरीर को हाइड्रेट करने का सरल और असरदार तरीका है। यह पेट को तैयार करता है और एसिडिटी या पेट में जलन की संभावना को कम करता है, जो खाली पेट चाय या कॉफी से हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि पानी पीने से एसिडिटी और हार्टबर्न का जोखिम घटता है।

ब्लैक कॉफी का सही समय और मात्रा

कॉफी में मौजूद कैफीन सुबह के समय जागने में मदद करता है, लेकिन सुबह 7–8 बजे के बीच शरीर में कॉर्टिसोल (तनाव हार्मोन) का स्तर स्वाभाविक रूप से ऊंचा होता है। इस समय कॉफी पीने से कॉर्टिसोल और कैफीन का संयोजन अनावश्यक तनाव पैदा कर सकता है। इसलिए विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि सुबह की पहली कॉफी 9:30 से 11 बजे के बीच होनी चाहिए, जब कॉर्टिसोल का स्तर गिर रहा होता है और कैफीन का असर बेहतर मिलता है।

एक अध्ययन में यह भी पाया गया कि यदि आप दिन में दो कप से कम कॉफी पीते हैं, तो उसे सुबह तक सीमित रखना बेहतर है; लेकिन यदि आप दो से अधिक कप पीते हैं, तो उन्हें पूरे दिन में बांटकर पीना बेहतर होता है - इससे इंसुलिन रेजिस्टेंस में सुधार होता है।

ग्रीन टी: समय से ज्यादा निरंतरता मायने रखती है

65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि ग्रीन टी का सेवन चाहे सुबह हो, दोपहर हो या शाम - सभी समयों पर ग्लूकोज और लिपिड मेटाबॉलिज्म में सुधार हुआ। यानी ग्रीन टी का नियमित सेवन ही सबसे महत्वपूर्ण है।

दूध वाली चाय या कॉफी: स्वाद के साथ समझदारी

यदि आप दूध के साथ चाय या कॉफी पीते हैं, तो यह जानना जरूरी है कि दूध में मौजूद प्रोटीन और फैट कैटेचिन्स (ग्रीन/ब्लैक टी में पाए जाने वाले एंटीऑक्सिडेंट) की अवशोषण क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, कुछ अध्ययनों में यह पाया गया है कि दूध मिलाने से ब्लैक टी के कैटेचिन्स की उपलब्धता पर कोई खास असर नहीं होता यानी स्वाद के लिए दूध मिलाना स्वास्थ्य लाभ को कम नहीं करता।

शाम की चुस्की: समय सीमा का ध्यान रखें

भारत में शाम को चाय या कॉफी पीना एक सांस्कृतिक रिवाज है, लेकिन एक अध्ययन में पाया गया कि शाम 6 बजे के बाद कैफीन लेने से नींद आने में देरी होती है, नींद टूटती है और सपनों की याददाश्त घट जाती है। इसलिए “शाम 6 बजे के बाद चाय या कॉफी नहीं” सही कदम है।

स्वाद और स्वास्थ्य का तालमेल

पेयसबसे अच्छा समयखास बात
ब्लैक कॉफी9:30–11:00 बजेकॉर्टिसोल कम होने पर कैफीन का असर बेहतर
ग्रीन टीसुबह/दोपहर/शाम (नियमित)समय से ज्यादा निरंतरता मायने रखती है
दूध वाली चाय/कॉफीसुबह या दोपहरस्वाद के लिए दूध मिलाना लाभ को कम नहीं करता
कोई कैफीनयुक्त पेयशाम 6 बजे के बाद नहींनींद और सपनों पर असर होता है

नींद विशेषज्ञों की सलाह है कि सोने से लगभग 8–9 घंटे पहले कैफीन बंद कर देना चाहिए। उदाहरण के लिए, यदि आप रात 10 बजे सोते हैं, तो दोपहर 1–2 बजे के बाद कैफीन नहीं लेना बेहतर होता है।