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6 साल बाद छात्रों को मिलेगी राहत

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, जानिए छात्रों को क्या होगा लाभ
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Devesh Singh

Jan 26, 2016

वाराणसी. महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ मे 6 साल बाद छात्रों को राहत मिलने वाली है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने शोध में प्रवेश परीक्षा की तैयारी आरंभ कर दी है। फरवरी में शोध प्रवेश परीक्षा का फार्म निकल सकता है और मई या फिर जून में प्रवेश परीक्षा कराने की तैयारी है।
काशी विद्यापीठ में वर्ष 2010 में अंतिम बार शोध की प्रवेश परीक्षा हुई थी उसके बाद से परिसर में शोध के लिए प्रवेश परीक्षा नहीं हो पायी है। वर्षों से छात्र परिसर का चक्कर लगाकर शोध प्रवेश परीक्षा की जानकारी लेने में जुटे हुए है लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल पायी थी। राज्यभवन ने भी शोध प्रवेश परीक्षा कराने पर जोर दिया है इसके बाद से विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आया है और शोध प्रवेश परीक्षा कराने की तैयारी आरंभ हुई।

ऑनलाइन ही भरा जायेगा परीक्षा फार्म
विश्वविद्यालय से मिली जानकारी के अनुसार ऑनलाइन ही शोध प्रवेश परीक्षा का फार्म भरवाया जायेगा। ओएमआर शीट पर परीक्षा होगी ओर ऑनलाइन ही रिजल्ट भी जारी होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने हाईटेक स्तर से प्रवेश परीक्षा कराने की तैयारी आरंभ कर दी है।

संबद्ध कालेजों में भी मिलेगा प्रवेश
विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबद्ध कालेजों में भी शोध की खाली सीटों का ब्यौरा मगा लिया है और प्रवेश परीक्षा में मिले अंक के आधार पर ही छात्रों को संबद्ध कालेजों में प्रवेश मिलेगा।

कर रहे गुरू परिक्रमा
वर्षों से छात्र शोध में प्रवेश के लिए गुरूजी की परिक्रमा करना आरंभ कर दिया है। शोध में भले ही प्रवेश परीक्षा के आधार पर प्रवेश मिलना है लेकिन छात्रों की माने तो गुरूजी नहीं चाहेंगे तो उनका शोध में प्रवेश नहीं हो पायेगा, ऐसे में वह गुरूजी को खुश करने में जुटे हुए हैं।