21 सितंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

टीकमगढ़ में बीजेपी के मंडल महामंत्री ने अस्पताल में दौड़ाई स्कूटी, पीछे बैठा था दोस्त

BJP Leader Scooter Hospital: अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों में मंडल महामंत्री स्कूटी चलाते नजर आए, गार्ड ने कहा- मैंने रोका था लेकिन नहीं माने।
2 min read
Google source verification
tikamgarh bjp leader prashant shukla

tikamgarh bjp leader prashant shukla scooter driven inside hospital, अस्पताल का सीसीवीटी फुटेज और सफाई देते बीजेपी मंडल महामंत्री प्रशांत शुक्ला (Source- Patrilka)

Tikamgarh BJP Leader Scooter Hospital: मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ में बीजेपी नेता का अस्पताल के अंदर स्कूटी दौड़ाने का मामला सामने आया है। बीजेपी नेता की इस हरकत के वीडियो भी सामने आए हैं जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। घटना जिले के खरगापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की है, जहां बीजेपी मंडल अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों में एक दोस्त को स्कूटी पर बैठाकर अस्पताल के अंदर स्कूटी चलाते हुए नजर आ रहे हैं। आरोप है कि अस्पताल के गार्ड ने बीजेपी नेता को अस्पताल के अंदर स्कूटी ले जाने से मना किया था लेकिन वो नहीं माने।

अस्पताल के अंदर दौड़ाई स्कूटी

अस्पताल के अंदर खरगापुर मंडल के बीजेपी मंडल महामंत्री प्रशांत शुक्ला का जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है वो 18 सितंबर का बताया जा रहा है। वीडियो में प्रशांत शुक्ला अपने एक साथी का स्कूटी पर बैठाकर अस्पताल के अंदर बने रैंप पर स्कूटी दौड़ाते दिख रहे हैं। आरोप है कि बीजेपी नेता को अस्पताल के गेट पर सुरक्षा गार्ड ने स्कूटी अंदर ले जाने से रोका था लेकिन इसके बावजूद वो नहीं माने और अस्पताल के अंदर स्कूटी ले गए। गार्ड का कहना है कि प्रशांत शुक्ला ई-स्कूटी को रैंप से फर्स्ट फ्लोर से ऊपरी तल तक ले गए।

बीजेपी नेता ने दी सफाई

वीडियो वायरल होने के बाद बीजेपी मंडल महामंत्री प्रशांत शुक्ला ने वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी है। वीडियो में प्रशांत शुक्ला कह रहे हैं कि 18 सितंबर की सुबह उन्हें उनके निजी ड्राइवर गुड्डू यादव के परिजनों का फोन आया। परिजनों ने बताया कि गुड्डू की तबीयत खराब है, मैं उनके घर पहुंचा तो देखा कि गुड्डू सीने के दर्द से तड़प रहा था। इसलिए मैं उसे तुरंत स्कूटी पर बैठाकर अस्पताल ले गया। लेकिन तब मुझे कुछ समझ नहीं आया और भूलवश मैं स्कूटी अस्पताल के अंदर ले गया। मेरी मंशा थी कि जल्द से जल्द गुड्डू को इलाज मिल जाए। मेरे द्वारा मानवीय मदद के भाव से ये किया गया, मेरी मंशा शासकीय कार्य में बाधा डालने या किसी आम जनता को परेशान करने की नहीं थी। मुझे उसी रात इस बात का एहसास हुआ कि मैंने गलती की है तो दूसरे दिन 19 सितंबर को मैं बलदेवगढ़ के बीएमओ के पास जाकर उन्हें अपना माफीनामा देकर आया था और माफी भी मांगी थी।