पुलिस ने मौके पर पहुंच पीडि़त लोगों के बयान लिए। इसमें सामने आया कि तोडफ़ोड़ का शिकार हुए भूखण्ड धारकों को पूर्व सूचना या दस्तावेज पेश करने के लिए नोटिस नहीं थमाया गया। मामले में उपखण्ड अधिकारी शंकरलाल सैनी, वृत्ताधिकारी डॉ. हरिप्रसाद सोमानी, अधिशासी अधिकारी मनोज कुमार मीणा, सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहायक अभियन्ता बी. एल. कुमावत व पीडि़त पक्ष के लोगो की बैठक हुई।