5 नवंबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अभ्यर्थी को नियुक्ति से वंचित करने के मामले में उच्च न्यायालय ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब

नियुक्ति से यह कहकर वंचित कर दिया कि वह पैरा मेडिकल कौंसिल में रजिस्टर्ड नहीं है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

टोंक

•

image

Pawan Kumar Sharma

•

Updated: 24 Dec 2017, 1:35 PM IST

उच्च न्यायालय

अभ्यर्थी को नियुक्ति से वंचित करने के मामले में उच्च न्यायालय की जयपुर पीठ ने रजिस्ट्रार को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।

टोंक. पैरा मेडिकल संवर्ग भर्ती-2016 में कृषि संकाय से पैरा मेडिकल लैब तकनीशियन कोर्स करने वाले अभ्यर्थी को नियुक्ति से वंचित करने के मामले में उच्च न्यायालय की जयपुर पीठ ने चिकित्सा सचिव, निदेशक सहित पैरा मेडिकल कौंसिल के रजिस्ट्रार को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।

इसके अलावा प्रार्थी के लिए एक पद रिक्त रखने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश संजीवप्रकाश शर्मा की एकलपीठ ने यह अंतरिम आदेश मालपुरा निवासी लोकेशकुमार वर्मा की ओर से एडवोकेट लक्ष्मीकांत शर्मा के जरिए दायर याचिका पर दिए।

याचिका में बताया कि राजस्थान अधीनस्थ मंत्रालयिक कर्मचारी चयन बोर्ड ने वर्ष 2016 में लैब टैक्नीशियन के 1394 पद की विज्ञप्ति जारी की। इसमें प्रार्थी ने एससी वर्ग से आवेदन किया। बोर्ड ने दस्तावेज सत्यापन भी कर लिया, लेकिन नियुक्ति से यह कहकर वंचित कर दिया कि वह पैरा मेडिकल कौंसिल में रजिस्टर्ड नहीं है।

ऐसे में उसे नियुक्ति नहीं दी जाएगी। प्रार्थी पक्ष का तर्क था कि कृषि संकाय भी विज्ञान संकाय का ही हिस्सा है। ऐसे में प्रार्थी को नियुक्ति से वंचित किया जाना न्यायोचित नहीं है।


पूर्व मैट्रिक छात्रवृत्ति की राह कठिन
नगरफोर्ट. शिक्षा विभाग की ओर से पूर्व मैट्रिक छात्रवृत्ति के ऑनलाइन आवेदन मांगने के आदेश अद्र्ध वार्षिक परीक्षाओं के अंतिम दिन मिले। इससे संस्था प्रधान आदेश को छात्रों तक नहीं पहुंचा पाए। जबकि आवेदन से छात्र के वंचित रहने पर संस्था प्रधान को उत्तरदायी माना जाएगा।

ऐसे में विभाग की ओर से गत 22 दिसम्बर को जारी आदेश की पालना कराने के लिए संस्था प्रधानों की नींद उड़ गई है। आधार कार्ड, भामाशाह कार्ड, बैंक खाता संख्या में छात्र का नाम विद्यालय रिकॉर्ड से मिलना भी चाहिए। ऐसे में कम समय में इन दस्तावेज को मंगाना मुश्किल हो गया है।

कारण ये भी है कि अधिकांश समय तो आधार पोर्टल सर्वर भी काम नहीं करता। उल्लेखनीय है कि कक्षा एक से दस तक की छात्रवृत्ति के लिए छात्रों से ऑफ लाइन आवेदन की पूर्तियां सितम्बर 2017 में ही पूरी करा योग्य छात्रों की सूची 41 कॉलम के प्रपत्र में विभाग के सुपुर्द कर दी गई थी।

अब जबकि छात्रवृत्ति की दूसरी किस्त छात्रों को मिल जानी चाहिए तब विभाग एक बार फिर आवेदन की मशक्कत करा रहा है। एक पखवाड़े से स्कूलों में अद्र्ध वार्षिक परीक्षाएं चल रही थी। छात्र परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार ही विद्यालय आ रहे हैं। ऐसे में छात्रों से आवश्यक जानकारियां मंगाने की सूचना पहुंचाना भी मुश्किल हो गया है।

अधिकांश तो परीक्षाएं पूरी कर छुट्टियां मनाने रवाना भी हो गए हैं। इधर इस बारे में एडीईओ सीताराम साहू ने बताया कि सितम्बर 2017 में 41 कॉलम के प्रपत्र में सभी जानकारियां मंगवाई हुई हैं। अब तो इसे ऑनलाइन कराना है। इसमें नया नहीं हैं।