
डीएपी खाद का टोकन लेने के लिए उमड़ी किसानों की भीड़। फोटो: पत्रिका
निवाई। रबी की बुवाई को लेकर किसान सेवा केन्द्र पर डीएपी खाद का टोकन लेने के लिए अव्यवस्था फैल गई। किसानों की भारी भीड़ के चलते वहां धक्का मुक्की के दौरान एक किसान का हाथ टूट गया और दो महिलाएं बेहोश हो गई। दरअसल, सैकड़ों किसान मंगलवार सुबह सात बजे ही झिलाय रोड स्थित किसान सेवा केंद्र पर पंक्तिबद्ध खड़े हो गए, जिससे किसान सेवा केन्द्र में पैर रखने की जगह भी नहीं मिली। किसान सेवा केन्द्र पर अफरा-तफरी मच गई।
केन्द्र पर अव्यवस्थाओं पर छाया-पानी की व्यवस्था नहीं होने तथा डीएपी खाद की कमी को लेकर किसान आक्रोशित हो गए। आक्रोशित किसानों ने राज्य सरकार, कृषि विभाग तथा उपखंड प्रशासन के विरुद्ध जमकर की नारेबाजी शुरू कर दी। किसानों के गुस्से को देखते हुए किसान सेवा केन्द्र पर तैनात कृषि विभाग के अधिकारियों ने तत्काल निवाई पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी।
सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार रामकेश मीणा व निवाई थानाधिकारी रामजीलाल बैरवा जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे और आक्रोशित किसानों को समझाकर पंक्तिबद्ध खड़ा करवा दिया तथा खाद के टोकन देने के लिए अतिरिक्त कार्मिक बढाने के लिए कृषि अधिकारी से बात की। इससे पहले डीएपी खाद का टोकन लेने के लिए 500 सौ से अधिक किसान लाइन लगाकर खड़े हो गए। इस दौरान किसान सेवा केंद्र पर कार्यरत कर्मचारियों ने चैनल गेट को बंदकर अंदर से ताला लगा लिया।
टोकन देने में देरी करने से मौके पर धक्का मुक्की हो गई जिससे एक किसान बनवारीलाल यादव निवासी झिलाय के हाथ में फ्रैक्चर हो गया तथा दो महिला किसान अचेत होकर गिर पड़ी जिससे माहौल गरमा गया।अन्य किसान घायल को अस्पताल लेकर भागे तथा बेहोश महिला किसानों को महिलाओं ने संभाला और गर्मी से बचने के लिए छाया बैठाकर पानी पिलाया।
इस दौरान नायब तहसीलदार व थानाधिकारी ने किसानों से सभी बातें सुनकर आश्वस्त किया कि गांव में सभी जीएसएस मुयालय पर डीएपी खाद उपलब्ध करवा दिया जाएगा। कृषि विभाग के सहायक निदेशक डॉ. रामनिवास ने अतिशीघ्र की किसानों की समस्या का समाधान कर रबी की बुवाई से पूर्व समय पर खाद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
किसानों ने नायब तहसीलदार व थानाधिकारी को बताया कि भीषण गर्मी के मौसम में किसानों को पांच- छह घंटे लाइन लग कर डीएपी खाद का टोकन लेना पड़ रहा है तथा टोकन स्थल पर किसानों के लिए छाया व पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। सुबह से किसान भूखे प्यासे डीएपी खाद के टोकन लेने के लिए केन्द्र खुलने के तीन घंटे पहले आकर पंक्ति में खड़ा होना पड़ रहा है। किसानों ने अधिकारियों को बताया कि खाद के टोकन देने के लिए किसान सेवा केन्द्र पर अतिरिक्त कार्मिक लगाकर टोकन देने के कांउटर बढाए जाए जिससे किसानों को तुरंत दस मिनट में खाद का टोकन मिल सके। किसानों ने किसान सेवा केन्द्र पर छाया, पानी तथा अन्य आवश्यक व्यवस्था करने की भी मांग की।
किसानों ने अधिकारियों को बताया कि रबी फसल की बुवाई के लिए डीएपी खाद की आवश्यकता होती है। 15 दिन के बाद चना, सरसों, गेहूं, जौ आदि की बुवाई शुरू हो जाएगी तब किसानों को बुवाई के समय डीएपी खाद की आवश्यकता होती है। हर वर्ष डीएपी खाद की मारामारी रहने से किसान 15 दिन पहले ही डीएपी खाद की खरीद कर लेता है लेकिन फिर भी किसानों को भारी मशक्कत के बाद खाद मिलता है। जबकि कृषि विभाग पहले से कोई तैयारी नहीं करता है जिससे किसानों को परेशान होना पड़ता है।
किसानों ने कहा कि डीएपी खाद की कृषि विभाग की मिलीभगत से कालाबाजारी पर लगाम कसी जाए। किसानों ने यह भी बताया कि कृषि विभाग द्वारा प्रभावशाली व राजनीतिक रसूखात रखने वालों को खाद का टोकन आसानी से मिल रहा है तथा किसानों को पांच पांच घंटे भारी मशक्कत के बाद डीएपी खाद का टोकन दिया जा रहा है।
Published on:
20 Aug 2025 12:44 pm
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