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लागत भी न मिलने से किसानों में मायूसी, खर्च चलाना भी हुआ मुश्किल

सिंघाड़े की खेती से लागत भी वसूल नहीं होने से आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है
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टोंक

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Pawan Kumar Sharma

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Updated: 29 Nov 2017, 2:53 PM IST

सिंघाड़े की खेती

आवां के राजकलेश्वर सरोवर में रोग ग्रस्त सिंघाड़े दिखाता किशोर।

आवां. मौसम की बैरुखी ने किसानों की कमर तोड़ दी। जी-तोड़ मेहनत के बाद भी परिवारों को दो जून की रोटी नसीब नहीं हो पा रही है। सीतापुरा निवासी रोडू कीर व कल्याण कीर ने बताया कि आवां राजकलेश्वर सरोवर में की जा रही सिंघाड़े की खेती से लागत भी वसूल नहीं होने से आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।

रोडू ने बताया कि खरीफ की कमजोर फसल के चलते उसने कल्याण कीर के साथ मिलकर राजकलेश्वर सरोवर में सिंघाड़े की खेती का ठेका लिया। चार महीने से उनके परिवारों ने इसमें अपनी जान झौंक रखी है। बारिश की कमी से खाली होते सरोवर में कीट और लट प्रकोप ने उसकी फसल को बरबाद कर दिया है।

कांटेदार और सिंघाड़े की साइज छोटी होने से इन्हें 40 किमी दूर नैनवां ले जाकर सस्ते दामों पर बेचना पड़ रहा है। पढ़ाई छोड़ कर इस व्यवसाय में लगे रोडू कीर के 16 वर्षीय पुत्र लवकुश ने कहा कि सिंघाड़े की खेती को जैसे ग्रहण लगता जा रहा है। उसका परिवार इनकी देखभाल करने हर रोज अलसुबह ही 15 किमी दूर सीतापुरा की ढाणी से सरोवर को पहुंच जाता है तथा देर रात को लौटता है। निर्धनता के चलते खर्च चलाना मुश्किल होने से परिवार परेशान हैं।


व्यर्थ बह रहा पानी
झिलाय(निवाई). ग्राम पंचायत झिलाय में बीसलपुर पेयजल योजना के अधिकारियों की अनदेखी के कारण गत दो दिन से पाइप लाइन में रिसाव होने से पानी व्यर्थ बह रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि बस स्टैण्ड के पास पाइप लाइन का रिसाव बढ़ जाने से हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह गया।लोगों द्वारा योजना से जुड़े अभियंताओं को अवगत कराने के बाद भी अभी तक रिसाव बंद नहीं किया गया है।

इतिहास के बारे में जाना

आवां. राजकीय बालिका माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने मेवाड़ का भ्रमण कर राजस्थान के गौरवमय इतिहास के बारे में जाना। इससे पूर्व इस दौरान वाद-विवाद, निबन्ध, सुलेख, श्रुतिलेख, चित्रकला, अन्ताक्षरी, गायन, नृत्य, मेहन्दी, विचित्र वेशभूषा आदि प्रतियोगिताएं हुई।

प्रभारी अंशुल शर्मा और रेखा मीना ने बताया कि संस्था प्रधान खेमचन्द महावर ने सामाजिक कुरीतियां दूर करने आदि पर जोर दिया। रैली निकाल कर तेजाजी के चौक में श्रमदान भी किया। इस दौरान गोपाल सिंह, देवेन्द्र भारद्वाज, रामलाल बैरवा, लखमाराम मीना, गायत्री शर्मा, मन्जू चाष्टा ने विचार व्यक्त किए।