5 नवंबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

फलों के भाव बिक रही सब्जियां, मौसम व बारिश नहीं होने की पड़ रही है मार

कुछ रुपए किलो बिकने वाली सब्जियों के भाव आसमान छू रहे हंै। टमाटर भी तीखे तेवर दिखा रहा है।  
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

टोंक

•

image

Pawan Kumar Sharma

•

Updated: 30 Oct 2017, 8:43 AM IST

फलों के भाव में सब्जियां

देवली. खराब मौसम व कम बारिश होने की मार का असर हरी सब्जियों पर खासा पड़ रहा है। इसके चलते इन दिनों फलों के भाव में सब्जियां बिक रही है।

देवली. खराब मौसम व कम बारिश होने की मार का असर हरी सब्जियों पर खासा पड़ रहा है। इसके चलते इन दिनों फलों के भाव में सब्जियां बिक रही है। नतीजन लोगों के भोजन से हरी सब्जियां गायब होती जा रही है। उल्लेखनीय है कि गत एक जुलाई से जीसटी लागू हुई। इसका अन्य उत्पादों के अलावा सब्जी पर भी विपरीत असर पड़ा है।

वहीं क्षेत्र में इस साल बारिश नहीं होने तथा सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने से सब्जी की खेती प्रभावित हुई है। हालात यह है कि कुछ रुपए किलो बिकने वाली सब्जियों के भाव आसमान छू रहे हंै। सलाद एवं सब्जियों का जायका बढ़ाने वाला टमाटर भी तीखे तेवर दिखा रहा है। टमाटर के भाव मौजूदा समय में 60 रुपए किलो हो रहे है।

वहीं चाय का जायका बढ़ाने वाली अदरक भी आम लोगों से दूर होती जा रही है। फिलहाल अदरक 80 रुपए किलो है। यदि तुलना करें तो सेब, अनार व सीताफल के भाव भी इन सब्जियों के समान हो रहे हंै। ऐसे में लोग कम मात्रा में हरी सब्जियां खरीदकर ही काम चला रहे है। सब्जियों के आसमान चढ़ते भावों के चलते सब्जी व्यवसाय भी प्रभावित हुआ।

सब्जी विके्रता संदीप मण्डल ने बताया कि सब्जियों के दाम बढऩे से ग्राहकी प्रभावित हुई है। लोग कम मात्रा में खरीद रहे हैं। लोगों का कहना है कि हरी सब्जियों महंगी होने से अब वे दलहन काम में लेकर बजट का नियंत्रित कर रहे हंै।

बाजार में बिक रही इस भाव
टमाटर-60 किलों
हरी मिर्च-60 रुपए किलो
भिण्डी -60 रुपए किलो
लहसुन- 40 रुपए किलो
हरा धनिया-100 किलो है।
नींबू-60 रुपए किलों।
शिमला मिर्च 120 रुपए किलो
टिन्डा-60 रुपए किलों
पत्तागोभी-60 रुपए किलो
मटर- 100 रुपए किलो

क्या करें टमाटर जैसी सब्जी महंगी हो गई, तो कम खरीदकर ही काम चला रहे हंै। सब्जियां महंगी होने से रसोई का बजट प्रभावित हो रहा है।
राजू देवी वैष्णव, निवासी घोषी मोहल्ला, देवली।