
देवली. क्षेत्र के डाबर कलां गांव से गत दिनों हुई मन्दिर चोरी की वारदातों के बीस दिन बाद भी पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा।
देवली. क्षेत्र के डाबर कलां गांव से गत दिनों हुई मन्दिर चोरी की वारदातों के बीस दिन बाद भी पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा। उधर, लगातार पुलिस वारदातों के शीघ्र खुलासा करने का आश्वासन दे रही है। वहीं कानून व्यवस्था संभालने व लोगों की जान माल की रक्षा करने वाली पुलिस के दावें खोखले साबित हो रहे है। ऐसे में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग रहे है।
दरअसल यह वारदातें महीनों न होकर महज कुछ दिन पुरानी है। इनमें डाबर कलां के चार मन्दिर की चोरी के वारदातें शामिल है। जहां से बीती 10 जनवरी की रात चोरों ने सभी मन्दिरों में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। इनमें जैन मन्दिर, धर्नुधारी मन्दिर, रघुनाथजी के मन्दिर है। जहां से चोरों ने सोने चांदी के छत्र, बांसुरी, नकदी आदि कीमती सामान चुराएं थे।
वारदात में केवल जैन मन्दिर से चुराया दान पात्र अगले दिन गांव के खेतों में मिला था। इसके सिवाय पुलिस के पास बरामदगी के नाम पर कुछ नहीं है। गत एक पखवाड़े से थाना पुलिस महज इधर-उधर हाथ पैर मार रही है, जिसका फिलहाल कोई छोर दिखाई नहीं पड़ रहा है। जबकि शहर व ग्रामीण क्षेत्र में हुई करीब आधा दर्जन मन्दिर चोरी की वारदाते आज तक अनसुलझी है। पुलिस चोरों को रोकने में नाकाम साबित हो रही है।
गौरतलब है कि शहर के एजेंसी एरिया स्थित गोपालजी मन्दिर में गत अगस्त माह में चोरों ने वारदात की। यहां से शाम की आरती के बाद चोर आधा दर्जन प्रतिमाओं पर लगे चांदी के छत्र चुराएं थे। जिनका आज तक कोई सुराग नहीं लगा। हार थककर मन्दिर समिति ने भगवान की प्रतिमाओं की दूसरी व्यवस्था की। इसी प्रकार चोरों ने क्षेत्र के सिरोही स्थित धाकड़ मोहल्ले के सीताराम मन्दिर में प्रतिमाओं के चांदी के छत्र चुरा लिए।
उक्त वारदात दिन दहाड़े की गई। इसके बाद गत 11 दिसम्बर को बड़ला गांव के बालाजी मन्दिर में चोरों ने दान पात्र तोडकऱ लाखों रुपए की दान राशि चुराई।
इससे पहले बीजवाड़ के वराह भगवान मन्दिर में भी चोरी की वारदात हुई। यहां से चोरों ने भगवान वराह की प्रतिमा चुराई। हालांकि उक्त प्रतिमा पिछले दिनों ही दिसम्बर माह में मिली थी। पुलिस तंत्र व कार्यप्रणाली चोरों के सामने बौनी साबित हो रही है।
Published on:
31 Jan 2018, 11:20 AM IST
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